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Regional Tourism Conclave 2025: ग्वालियर में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव, पर्यटन और लोकल क्राफ्ट को मिलेगा वैश्विक मंच

Dev Verma
Regional Tourism Conclave 2025: ग्वालियर में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव, पर्यटन और लोकल क्राफ्ट को मिलेगा वैश्विक मंच
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Regional Tourism Conclave 2025: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आज से दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का शुभारंभ हो रहा है। इस कॉन्क्लेव का समापन कल, शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा, जिसमें करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्तावों और एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह आयोजन ग्वालियर-चंबल अंचल में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


पहले दिन: इन्फ्लूएंसर्स मीट और बी2बी-बी2जी सत्र


कॉन्क्लेव के पहले दिन आज इन्फ्लूएंसर्स मीट का आयोजन होगा, जिसमें पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल प्रभावशाली व्यक्तियों के साथ चर्चा होगी। इसके बाद शाम को बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) और बी2जी (बिजनेस-टू-गवर्नमेंट) सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें हितधारकों के साथ विचार-विमर्श होगा। यह सत्र पर्यटन क्षेत्र में सहयोग और निवेश के नए अवसरों को तलाशने का मंच प्रदान करेगा।

समापन: मुख्यमंत्री के साथ निवेशकों की चर्चा और एमओयू

कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवेशकों के साथ 121 बैठक करेंगे। चार वीआईपी केबिन में 21 से अधिक निवेशकों के साथ चर्चा होगी। इस दौरान 18 से ज्यादा कंपनियों की भागीदारी की उम्मीद है, और पर्यटन क्षेत्र में लगभग 4500 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। साथ ही, कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे।


ग्वालियर-चंबल में पर्यटन की असीम संभावनाएं

मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने कहा, "इस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य दिल्ली, आगरा और जयपुर के गोल्डन ट्रायंगल में आने वाले पर्यटकों को मध्य प्रदेश की ओर आकर्षित करना है, ताकि यह क्षेत्र एक डायमंड रिंग के रूप में उभरे। ग्वालियर-चंबल अंचल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ग्वालियर किला को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की दिशा में काम चल रहा है। इसके अलावा, फिल्म टूरिज्म और स्थानीय हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।"

प्रमुख परियोजनाओं का शुभारंभ

कॉन्क्लेव के दौरान निम्नलिखित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी और लॉन्चिंग होगी: मध्य प्रदेश आर्ट एंड क्राफ्ट ऑन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डेलबटो: स्थानीय हस्तशिल्प को डिजिटल बाजार से जोड़ा जाएगा। ग्वालियर फोर्ट का संरक्षण, लैंडस्कैपिंग और इल्यूमिनेशन: किले को और आकर्षक बनाने के लिए कार्य शुरू होगा। स्वदेश दर्शन योजना 2.0: पर्यटन विकास के लिए नई पहल की शुरुआत। मानसिंह तोमर विश्वविद्यालय में निर्माण कार्य: विश्वविद्यालय में नए ढांचागत विकास की आधारशिला। एमओयू: मानसिंह तोमर संगीत विश्वविद्यालय के साथ पारंपरिक संगीतकारों, लोक नृत्य कलाकारों और संबंधित कलाकारों की क्षमता निर्माण के लिए समझौता।

एलओए (लेटर ऑफ अवार्ड)


एलओए निम्नलिखित स्थानों पर प्रदान किए जाएंगे: मंदसौर (गांधी सागर, भानपुरा) धार (हेमावर्दी) शाजापुर (बिजना) बुरहानपुर (रहीपुरा) विदिशा (कग़पुर) जबलपुर (नन्हा खेड़ा)

इन्फ्लूएंसर्स के साथ समझौता


चार मार्केटिंग एजेंसियों के साथ इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग के तहत समझौते किए जाएंगे, ताकि मध्य प्रदेश के पर्यटन को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर और अधिक प्रचारित किया जा सके।


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