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MP News : मोहन यादव ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, ओबीसी आरक्षण पर सियासत, कांग्रेस ने जताया ऐतराज

Dev Verma
MP News : मोहन यादव ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, ओबीसी आरक्षण पर सियासत, कांग्रेस ने जताया ऐतराज
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MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले पर विचार-विमर्श के लिए गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, समाजवादी पार्टी और बसपा के प्रदेश अध्यक्षों सहित दोनों पक्षों के वकीलों को आमंत्रित किया गया है। हालांकि, कांग्रेस ने इस बैठक पर सवाल उठाते हुए इसे जनता को भ्रमित करने का प्रयास बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार अपने ही जाल में फंस रही है और यह बैठक महज एक दिखावा है।

MP News : सरकार कर रही भ्रम फैलाने की कोशिश


कमलनाथ ने कहा कि 2019 में उनकी सरकार ने विधानसभा में कानून बनाकर ओबीसी आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% किया था। उन्होंने दावा किया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस पर कोई रोक नहीं है, फिर भी वर्तमान सरकार जानबूझकर कानूनी जटिलताएं पैदा कर रही है। कमलनाथ ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के हालिया कदम पर भी निशाना साधा, जिसमें आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में गलत एफिडेविट दाखिल करने के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार की मंशा को दर्शाता है, जो ओबीसी समाज को ठगने की कोशिश कर रही है। कमलनाथ ने मांग की कि सरकार तत्काल 27% ओबीसी आरक्षण लागू करे।

जीतू पटवारी ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी ने पिछले छह वर्षों में ओबीसी आरक्षण को लागू करने में नाकामी दिखाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर कानूनी उलझनें बढ़ा रही है। पटवारी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगना यह साबित करता है कि सरकार ने ओबीसी के संवैधानिक अधिकारों के साथ छल किया। अब सच सामने आने पर सरकार को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी।”

MP News : सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे ये नेता


मुख्यमंत्री निवास पर होने वाली इस बैठक में सीएम मोहन यादव के साथ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, कांग्रेस के जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, समाजवादी पार्टी के डॉ. मनोज यादव और बसपा के रमाकांत पिप्पल सहित अन्य प्रमुख नेता हिस्सा लेंगे। सीएम ने कहा कि सभी दल ओबीसी आरक्षण के पक्ष में हैं, इसलिए एक संयुक्त रणनीति बनाकर कोर्ट में मजबूत पक्ष रखा जाएगा।

MP News : 2019 से अटका है मामला


2019 में कमलनाथ सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 27% करने का अध्यादेश पारित किया था, जिसके बाद कई संगठनों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इन याचिकाओं में तर्क दिया गया कि कुल आरक्षण 50% की सीमा को पार कर रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट के इंदिरा साहनी (मंडल आयोग) मामले में तय नियम का उल्लंघन है। मई 2020 में हाईकोर्ट ने 27% आरक्षण पर रोक लगा दी, जिसके कारण MPPSC और शिक्षक भर्ती सहित कई नियुक्तियां रुक गईं। लाखों चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं मिले, क्योंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

हाल ही में MPPSC ने सुप्रीम कोर्ट में एक गलत एफिडेविट दाखिल किया, जिसमें कहा गया था कि 27% आरक्षण की मांग वाली याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं। आयोग ने इस गलती के लिए माफी मांगी और नया एफिडेविट दाखिल करने की अनुमति मांगी। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट 23 सितंबर से इस मामले की सुनवाई शुरू कर सकता है।

MP News : एकजुट होकर समाधान निकालें


मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार और बीजेपी का रुख स्पष्ट है कि वे ओबीसी को 27% आरक्षण देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस भी यही चाहती है, तो सभी दलों को मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए।” सीएम ने जोर देकर कहा कि सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य सभी दलों की सहमति से एक संयुक्त रणनीति तैयार करना है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष रखा जा सके।


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