पैसों के लेनदेन में पत्नी से दर्ज कराया दुष्कर्म का मुक़दमा, सवा साल बाद हाईकोर्ट से हुआ दोषमुक्त...
- Rohit banchhor
- 14 Dec, 2024
फरियादी ने लंबे समय तक इंसाफ की लड़ाई लड़ी और आखिरकार हाईकोर्ट ने उसकी बात को तर्कों तत्वों और सबूत को स्वीकार करते हुए उसे दुष्कर्म के आरोपों से दोष मुक्त कर दिया।
MP News : भोपाल। देश में इन दिनों आए दिन महिलाओं द्वारा पुरुषों को प्रताड़ित करने और उन पर कार्रवाई करने का डर दिखाकर उनका दमन करने के मामले सामने आ रहे हैं।ताज़ा मामला बेंगलुरु के AI इंजीनियर का है।कल भोपाल पहुंची राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजय रहाटकर ने भी इस बात को मानते कहा कि कुछ महिलाएं कानून का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। इसी तरह का एक मामला राजधानी भोपाल से भी सामने आया है। जहां पर पैसों के लेनदेन के विवाद में एक पक्ष ने अपनी पत्नी से अपने पार्टनर पर दुष्कर्म सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर दिया। फरियादी ने लंबे समय तक इंसाफ की लड़ाई लड़ी और आखिरकार हाईकोर्ट ने उसकी बात को तर्कों तत्वों और सबूत को स्वीकार करते हुए उसे दुष्कर्म के आरोपों से दोष मुक्त कर दिया।
MP News : दरअसल बैरसिया निवासी विवेक सक्सेना पर बैरासिया के ही कृष्णा कॉलोनी निवासी प्रियंका (रानू ) शर्मा पति राकेश शर्मा महिंद्रा ट्रेक्टर वर्क शॉप द्वारा दिनांक 8/01/2023 से 7/7/2023 तक बलात्कार की घटना बताते हुए थाना बैरसिया में 7/7/2023 को प्रथम सुचना रिपोर्ट एफआईआर। अपराध क्रमांक 502/2023 अनुसार दर्ज कराई थी। जिसकी रिपोर्ट पर पुलिस थाना बैरसिया ने विवेक सक्सेना के विरुद्ध गंभीर धाराएं 376, 376, 2(n) सहित धारा के अनुसार अपराध दर्ज कराया था जबकि रिपोर्ट करता प्रियंका (रानू ) शर्मा के पति राकेश शर्मा ने विवेक सक्सेना से उधार रूपये ले रखे थे जिसे वापस ना लोटाना पड़े इस कारण षड्यंत्र पूर्वक राकेश शर्मा ने अपनी पत्नी के माध्यम से रिपोर्ट दर्ज करी थी।
MP News : जो प्रकरण बैरसिया सेशन कोर्ट में विचाराधीन है, विवेक सक्सेना ने खुद के ऊपर दर्ज हुई झूठी एफआईआर के संबंध में जबलपुर न्यायालय में अपील की जिस पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय जबलपुर ने प्रियंका शर्मा द्वारा अपराध क्रमांक 502 / 2023 अनुसार पुलिस थाना बैरसिया में दर्ज करवाई दुष्कर्म की एफआईआर को झूठी मानते हुए आदेश दिनांक 2/12/ 2024 प्रकरण क्रमांक mcrc 26275 /2024 के अनुसार दुष्कर्म की एफआईआर को निरस्त किया गया, इस अनुसार कानून जहां आमजन की रक्षा के लिए होता है वही एक महिला ने अपने पति के कहने अनुसार उधारी के रुपए न लौटाने पड़े इस कारण झूठी एफआईआर की जिससे अकारण ही बिना किसी अपराध के विवेक सक्सेना को एफआईआर दर्ज होने उपरांत से अपमानित जीवन जीना पड़ा तथा थाना जेल एवं कोर्ट में जाना पड़ा।

