7 Big Changes in Income Tax: टैक्सपेयर्स के लिए ‘सुपर अलर्ट’! 1 अप्रैल से बदल जाएगा टैक्स का पूरा गणित, जानिए नए नियम, आपकी जेब पर क्या होगा असर
7 Big Changes in Income Tax: नई दिल्ली: अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार ने बजट 2026 में आयकर से जुड़े कई बड़े बदलाव किए हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इन संशोधनों का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को सरल बनाना और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। हालांकि कुछ बदलाव ऐसे भी हैं, जिनका असर सीधे टैक्सपेयर्स की जेब पर पड़ सकता है।
नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा
करीब छह दशक से लागू आयकर अधिनियम 1961 की जगह अब नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू किया जाएगा। यह कानून 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। सरकार ने फिलहाल आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है, यानी मौजूदा टैक्स स्लैब ही जारी रहेंगे। नए कानून में भाषा को सरल और नियमों को अधिक स्पष्ट बनाने पर जोर दिया गया है।
ITR फाइल करने की समय सीमा में बदलाव
सरकार ने कुछ टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। जिन लोगों का टैक्स ऑडिट नहीं होता है, उनके लिए ITR-3 और ITR-4 भरने की अंतिम तिथि अब 31 अगस्त होगी, जबकि पहले यह 31 जुलाई थी। हालांकि ITR-1 और ITR-2 की आखिरी तारीख 31 जुलाई ही रहेगी। टैक्स ऑडिट की डेडलाइन 31 अक्टूबर पर ही बरकरार है।
रिवाइज्ड रिटर्न के लिए ज्यादा समय
अगर किसी टैक्सपेयर को अपने रिटर्न में गलती सुधारनी हो, तो अब उसके पास ज्यादा समय होगा। रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। हालांकि 31 दिसंबर के बाद रिवाइज्ड रिटर्न भरने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
TCS दरों में बदलाव
टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दरों में भी बदलाव किया गया है। शराब और कबाड़ की बिक्री पर TCS 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है। कोयला, लिग्नाइट और लौह अयस्क की बिक्री पर भी अब 2% TCS लगेगा। वहीं तेंदू पत्ते की बिक्री पर TCS घटाकर 5% से 2% कर दिया गया है।
विदेश यात्रा और LRS पर राहत
विदेश यात्रा पैकेज और लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश भेजी जाने वाली रकम पर अब 2% की समान TCS दर लागू होगी। पहले यह 5% और 20% की अलग-अलग दरों पर लागू होता था। शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि पर भी TCS घटाकर 2% कर दिया गया है।
F&O कारोबार पर बढ़ा STT
शेयर बाजार में फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) ट्रेडिंग करने वालों के लिए STT बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है, जिससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी।
शेयर बायबैक और डिविडेंड पर नया नियम
1 अप्रैल 2026 से कंपनियों के शेयर बायबैक से मिलने वाली राशि पर कैपिटल गेन टैक्स लगाया जाएगा। पहले इसे डीम्ड डिविडेंड माना जाता था। साथ ही अब डिविडेंड कमाने के लिए लिए गए लोन के ब्याज पर मिलने वाली 20% तक की कटौती भी खत्म कर दी गई है। अब डिविडेंड की पूरी आय पर टैक्स स्लैब के अनुसार कर देना होगा।

