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CG Assembly Budget Session: धान खरीदी पर मंत्री के जवाब से नाराज विपक्ष का बर्हिगमन, भूपेश ने पूछा- कितने किसानों के धान का समर्पण कराया गया

मंत्री के जवाब से नाराज विपक्ष ने बर्हिगमन किया।

CG Assembly Budget Session: धान खरीदी पर मंत्री के जवाब से नाराज विपक्ष का बर्हिगमन,  भूपेश ने पूछा- कितने किसानों के धान का समर्पण कराया गया
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CG Assembly Budget Session: रायपुर। होली अवकाश के बाद आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरु हुआ। सदन में सबसे पहले T-20 में जीत के लिए टीम इंडिया को बधाई दी गई। इसके बाद प्रश्नकाल में बस्तर में धान खरीदी का मुद्दा विधायक लखेश्वर बघेल ने उठाया। मंत्री के जवाब से नाराज विपक्ष ने बर्हिगमन किया।

उन्होंने पूछा कि, बस्तर संभाग में धान खरीदी की शुरुआत कब की गई थी, मंत्री दयालदास बघेल ने कहा- 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हुई, 31 जनवरी को धान खरीदी का समापन किया गया। लखेश्वर बघेल ने पूछा- किन किसानों का धान नहीं खरीदा गया। 44 हजार 612 किसानों का धान नहीं खरीदा गया। ऐसे किसान धान खरीदी केंद्र में अपना धान ही नहीं लाए।

भूपेश ने पूछा- कितने किसानों के धान का समर्पण कराया गया-

आगे लखेश्वर बघेल ने कहा, 21 क्विंटल धान खरीदना है तो भटका क्यों रहे हैं। सबसे बड़ा घोटाला धान की खरीदी में किया जा रहा है। कहीं पानी डाला जा रहा है, कहीं किसी और सामान की खरीदी की जा रही है। कितने किसान ऋणी हैं कितने वनाधिकार पट्टाधारी हैं। इस पर मंत्री बघेल ने जवाब दिया कि, जो भी किसान पंजीयन कराते हैं शत-प्रतिशत नहीं बेचते। पिछली सरकार में भी सभी किसान धान नहीं बेचते थे। मंत्री के जवाब से विपक्ष असंतुष्ट भूपेश बघेल ने पूछा कितने किसानों के धान का समर्पण कराया गया। बस्तर में 9906 किसानों ने धान नहीं बेचा।

मंत्री बोले- तीन गुना ज्यादा खरीदी हुई, भड़का विपक्ष-

इसके बाद कोंटा विधायक कवासी लखमा के प्रश्न पर मंत्री के जवाब से विपक्ष असंतुष्ट दिखा। विपक्षी सदस्यों ने मंत्री के जवाब पर नाराजगी जताई। दरअसल मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि, पिछली बार से तीन गुना ज्यादा धान की खरीदी की गई। मंत्री के इस जवाब पर विपक्ष ने नाराजगी जताई।

विपक्षी सदस्यों ने कहा कि, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में जाकर ग्रामीणों ने धान बेचा है। भूपेश बघेल ने पूछा- कितने किसान दूसरा टोकन कटने के बाद धान नहीं बेच पाए। जो किसान ऋणी हैं उनका धन सरकार खरीदेगी क्या, क्या सरकार उनका कर्ज माफ करेगी। इसके बाद विपक्ष ने बर्हिगमन कर दिया।


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