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मंत्री कृष्णा गौर ने इज्तिमा तैयारियों का निरीक्षण कर लिया जायजा, समय सीमा में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के दिए निर्देश

मंत्री कृष्णा गौर ने इज्तिमा तैयारियों का निरीक्षण कर लिया जायजा, समय सीमा में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के दिए निर्देश
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भोपाल। विश्व के बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक भोपाल एक इज्तिमा का आगाज 29 नवंबर को फजर की नमाज़ के साथ होने जा रहा हैं। चार दिनों तक इज्तिमा में धार्मिक प्रवचन किए जाएंगे। आयोजन का समापन 2 दिसम्बर को सामूहिक दुआ के साथ होगा। इसकी तैयारियो का जायजा लेने सरकार की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर पहुंची ।उन्होंने इज्तिमा स्थल का अवलोकन कर सभी विभाग के अधिकारियों संबंधित सभी कार्यों को जल्दी से जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने पुलिस द्वारा जो सुरक्षा व्यवस्था लगाई जाएगी उस का अवलोकन भी किया. कृष्णा गौर ने कहा की ये हमारे शहर में मुस्लिम समाज का इतना बड़ा आयोजन होता है ये आयोजन मुस्लिम समाज के महाकुंभ जैसा है , इस आयोजन में किसी भी प्रकार की असुविधा श्रद्धालुओं को ना हो उस का हर संभव प्रयास शासन प्रशासन द्वारा किया जा रहा है । उन्होंने कहा के हमारा उद्देश ये है के इस आयोजन में शामिल होने वाले सभी लोग सुविधा के साथ आयोजन में भाग ले सकें और सुरक्षा के साथ अपने देश प्रदेश अपने घर वापस जा सकें। गौरतलब है कि 77 सालों से जारी इस धार्मिक आयोजन में
पहली बार किसी महिला की सक्रियता बनी है।

विभागीय मंत्री कृष्णा गौर के इज्तिमा प्रयासों को एक नई शुरुआत और इस आयोजन के बेहतर क्रियान्वयन से जोड़ा जा रहा है। दरअसल आमतौर पर इज्तिमा आयोजन के दौरान महिलाओं की सहभागिता प्रतिबंधित होती है। इस्लाम की पर्दा प्रथा के लिहाज से यह व्यवस्था प्रचलित है। लेकिन इस समय मप्र कैबिनेट में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी कृष्णा गौर के हाथों में है। इससे पहले तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान की सरकार में इस विभाग की जिम्मेदारी ललिता यादव के पास रही है। लेकिन उस समय मुख्यमंत्री स्वयं ही इज्तिमा व्यवस्थाओं पर निगरानी रखा करते थे।

इसके चलते ललिता यादव का इज्तिमा से सीधा ताल्लुक नहीं रहा। कहा जाता है कि चूंकि कृष्णा गौर का सीधा ताल्लुक भोपाल से है। उनके ससुर स्व बाबूलाल गौर भी ठेठ भोपाली कहे जाते थे। इसके चलते उनका मुस्लिम समुदाय और इज्तिमा आयोजन से लगाव और जुड़ाव रहा है। माना जा रहा है कि कृष्णा गौर की निगरानी में हो रहे इज्तिमा आयोजन में पहले से कुछ बेहतर व्यवस्थाएं दिखाई दे सकती हैं।

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