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Mahakumbh Mela 2025: महाकुंभ पर बनने जा रहा है ये शुभ संयोग, जानें हर 12 साल के अंतराल में ही क्यों होता है कुंभ का आयोजन... बड़ा रोचक है ये प्रसंग

Mahakumbh Mela 2025: महाकुंभ पर बनने जा रहा है ये शुभ संयोग, जानें हर 12 साल के अंतराल में ही क्यों होता है कुंभ का आयोजन... बड़ा  रोचक है ये प्रसंग
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Mahakumbh Mela 2025: प्रयागराज: कुंभ को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और धार्मिक मेले में से एक माना जाता है। महाकुंभ मेले का आयोजन प्रत्येक 12 वर्षों के अंतराल पर हरिद्वार, प्रयागराज, उज्जैन और नासिक में होता है और इनमें प्रयागराज में लगने वाला महाकुंभ सबसे भव्य होता है। भारत ही नहीं, दुनिया के हर कोने से लोग कुंभ मेले में हिस्सा लेने आते हैं. ऐसी मान्यता है कि कुंभ मेले पर गंगा नदी में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

महाकुंभ मेले पर बनेगा ये शुभ संयोग

महाकुंभ मेले पर रवि योग का निर्माण होने जा रहा है। इस दिन इस योग का निर्माण सुबह 7 बजकर 15 मिनट से होगा और सुबह 10 बजकर 38 मिनट इसका समापन होगा। इसी दिन भद्रावास योग का भी संयोग बन रहा है और इस योग में भगवान विष्णु की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।

Mahakumbh Mela 2025: महाकुंभ मेले का पौराणिक महत्व

मान्यतानुसार, एक बार ऋषि दुर्वासा के श्राप से इंद्र और अन्‍य देवता कमजोर पड़ गए थे। इसका लाभ उठाते हुए राक्षसों ने देवताओं पर आक्रमण कर दिया था और इस युद्ध में देवताओं की हार हुई थी। तब सभी देवता मिलकर सहायता के लिए भगवान विष्‍णु के पास गए और उन्‍हें सारी बात बताई। भगवान विष्‍णु ने राक्षसों के साथ मिलकर समुद्र मंथन कर के वहां से अमृत निकालने की सलाह दी, जब समुद्र मंथन से अमृत का कलश निकला, तो भगवान इंद्र का पुत्र जयंत उसे लेकर आकाश में उड़ गया। यह सब देखकर राक्षस भी जयंत के पीछे अमृत कलश लेने के लिए भागे और बहुत प्रयास करने के बाद दैत्‍यों के हाथ में अमृत कलश आ गया।

इसके बाद अमृत कलश पर अपना अधिकार जमाने के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच 12 दिनों तक युद्ध चला था। इसी वजह से हर 12 साल के अंतराल में कुंभ का आयोजन किया जाता ​है। समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश से कुछ बूंदें हरिद्वार, उज्‍जैन, प्रयागराज और नासिक में गिरी थीं इसलिए इन्‍हीं चार स्‍थानों पर महाकुंभ मेले का आयोजन किया जाता है।

Mahakumbh Mela 2025: कब कब होंगे महाकुंभ के छह शाही स्नान

महाकुंभ मेला का पहला शाही स्नान 13 जनवरी 2025 को होगा। दूसरा शाही स्नान 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति पर होगा, तीसरा स्नान 29 जनवरी 2025 को मौनी अमावस्या पर होगा, चौथा शाही स्नान 2 फरवरी 2025 को बसंत पंचमी पर होगा, पांचवां शाही स्नान 12 फरवरी 2025 को माघ पूर्णिमा पर होगा और आखिरी शाही स्नान 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पर होगा।


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