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Vande Mataram Debate: वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर संसद में बोले पीएम मोदी- नेहरू ने लिखी थी मुसलमानों के भड़कने की बात...

Vande Mataram Debate: वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर संसद में बोले पीएम मोदी- नेहरू ने लिखी थी मुसलमानों के भड़कने की बात...
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Vande Mataram Debate: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वंदे मातरम् की रचना के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए इसे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का मुख्य मंत्र बन गया था और हर भारतीय के लिए एक संकल्प का प्रतीक बन चुका था। उन्होंने 1905 में बंगाल विभाजन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस कठिन समय में वंदे मातरम् चट्टान की तरह खड़ा रहा और देश में एकता की प्रेरणा देता रहा।

Vande Mataram Debate: पीएम मोदी ने लोकसभा में कांग्रेस और पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सदी में वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात हुआ। मुस्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने वंदे मातरम् पर समझौता किया और इसके कुछ हिस्सों को हटाया। उन्होंने बताया कि जिन्ना ने 1937 में इसका विरोध किया था, लेकिन नेहरू ने मुस्लिम लीग की निंदा नहीं की। वंदे मातरम् के कुछ शब्द मुस्लिमों को आपत्ति जनक लगे, और कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए। पीएम मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् का स्मरण करना हम सबके लिए सौभाग्य है।

Vande Mataram Debate: पीएम मोदी ने बताया कि वंदे मातरम् की 150 साल की यात्रा कई महत्वपूर्ण पड़ावों से गुजरी। जब वंदे मातरम् के 50 साल हुए, देश गुलामी में था। 100 साल पूरे होने पर आपातकाल और अन्य कठिन परिस्थितियों में देशवासियों को इस गीत ने देशभक्ति की प्रेरणा दी। इस दौरान कई देशभक्त जेलों में बंद हुए। वंदे मातरम् ने स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा और दिशा दी, और 1947 में देश की आजादी में इसका योगदान अमूल्य रहा।

Vande Mataram Debate: प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् सिर्फ राजनीतिक नारा नहीं था, बल्कि मां भारती को स्वतंत्र कराने की पवित्र जंग का प्रतीक था। अंग्रेजों ने बंगाल का विभाजन किया और भारत को कमजोर करने की योजना बनाई, लेकिन वंदे मातरम् ने उनका डर बढ़ा दिया। इस गीत के शब्दों को सुनकर अंग्रेजों ने इसे प्रतिबंधित कर दिया और इसके बोलने पर सजा का प्रावधान रखा गया।

Vande Mataram Debate: पीएम मोदी ने बताया कि बारिसाल में वीरांगनाओं और बच्चों ने वंदे मातरम् पर प्रतिबंध के खिलाफ विरोध किया। सरोजिनी बोस ने संकल्प लिया कि जब तक वंदे मातरम् पर प्रतिबंध रहेगा, वे अपनी चूड़ियां नहीं पहनेंगी। बंगाल में प्रभात फेरी और अन्य आंदोलनों के माध्यम से वंदे मातरम् के प्रचार और रक्षा के लिए संघर्ष किया गया।

Vande Mataram Debate: पीएम मोदी ने कहा कि बंकिम चंद्र चटोपाध्याय ने 1875 में वंदे मातरम् की रचना की। यह गीत 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ जवाब था। वंदे मातरम् ने अंग्रेजों को चुनौती दी और भारतवासियों को अपने देश के लिए गर्व और देशभक्ति का संदेश दिया।


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