CG Legislative Assembly Budget Session: विधानसभा में गूंजा कोरबा जिले में अमानक चावल खरीदी का मामला, प्रकरण पुलिस को सौंपने की मांग, विपक्ष का वाकआउट
CG Legislative Assembly Budget : रायपुर। कोरबा जिले में अमानक चावल खरीदी का मामला सोमवार को विधानसभा में गूंजा। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने स्वीकार किया कि अमानक चावल की खरीदी हुई है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। इस प्रकरण में जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) प्रमोद जांगड़े सहित दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 26 राइस मिलों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
CG Legislative Assembly Budget : प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने मामला उठाया। मंत्री ने बताया कि कोरबा जिले के नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में बालोद, बेमेतरा और जशपुर के कर्मचारियों की आईडी का उपयोग कर चावल उठाव किया गया था। जांच में पाया गया कि खरीदे गए चावल में से 8,153 क्विंटल चावल वितरण योग्य नहीं था, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ 34 लाख रुपये है।
CG Legislative Assembly Budget : मंत्री ने बताया कि चावल की गुणवत्ता का नियमानुसार परीक्षण नहीं करने पर डीएमओ प्रमोद जांगड़े और दो अन्य कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और मामले की जांच जारी है।
CG Legislative Assembly Budget : विपक्ष ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि जांच दल के सदस्य लग्जरी होटल में ठहरे और कोसा कपड़ा लेकर लौट गए। उन्होंने जांच दल की भी जांच कराने की मांग की और कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे।
CG Legislative Assembly Budget : पूरक सवालों के जवाब में मंत्री ने बताया कि मामले में राइस मिलरों की भी संलिप्तता सामने आई है। कोरबा के 12 और कटघोरा के 14 राइस मिलरों को नोटिस जारी किया गया है।
CG Legislative Assembly Budget : नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सवाल पर मंत्री ने कहा कि दोषी राइस मिलरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह गरीबों से जुड़ा मामला है और उन्हें घटिया चावल दिया जा रहा है, इसलिए प्रकरण को पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

