TIME-100 List 2026: TIME मैगज़ीन ने जारी की 100 प्रभावशाली हस्तियों की लिस्ट, प्रधानमंत्री मोदी को नहीं मिली जगह, इन तीन भारतियों के नाम शामिल
- VP B
- 16 Apr, 2026
TIME मैगज़ीन ने 2026 की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची जारी की है, जिसमें वैश्विक राजनीति, टेक्नोलॉजी और मनोरंजन जगत के कई बड़े नाम शामिल हैं।
TIME-100 List 2026: नई दिल्ली: दुनिया की प्रतिष्ठित मैगज़ीन TIME ने साल 2026 के लिए 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची जारी कर दी है। इस बहुप्रतीक्षित लिस्ट में राजनीति, टेक्नोलॉजी, मनोरंजन और समाज के कई बड़े चेहरों को जगह मिली है। खास बात यह रही कि इस बार कई नए और उभरते नेताओं को भी शामिल किया गया है, जो बदलते वैश्विक परिदृश्य को दर्शाता है।
वैश्विक नेताओं का दबदबा
इस सूची में डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग, बेंजामिन नेतन्याहू और पोप लियो XIV जैसे बड़े नेताओं को शामिल किया गया है। इनके अलावा मार्को रुबियो, मार्क कार्नी और क्लाउडिया शिनबॉम भी इस लिस्ट में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं।
उभरते चेहरों को भी मिला मौका
इस बार लिस्ट में क्षेत्रीय और नए नेताओं को भी अहम स्थान दिया गया है। बालेन शाह और तारीक रहमान जैसे नामों का शामिल होना साउथ एशिया की बढ़ती भूमिका को दिखाता है। वहीं न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी का नाम भी चर्चा में बना हुआ है।
भारत से तीन नाम शामिल
भारत से इस प्रतिष्ठित सूची में तीन हस्तियों ने जगह बनाई है। सुंदर पिचाई को टेक्नोलॉजी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए शामिल किया गया है। वहीं बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर और मशहूर शेफ विकास खन्ना को भी इस लिस्ट में जगह मिली है।
टेक और एंटरटेनमेंट जगत की भागीदारी
लिस्ट में टेक इंडस्ट्री और एंटरटेनमेंट जगत के कई बड़े नाम भी शामिल हैं। यूट्यूब सीईओ नील मोहन, स्पेसएक्स की ग्वेन शॉटवेल और कंटेंट क्रिएटर MrBeast जैसे नाम भी इसमें शामिल हैं।
मोदी का नाम नहीं, चर्चा तेज
इस लिस्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम शामिल नहीं है, जो कई लोगों के लिए चौंकाने वाला है। टाइम की यह सूची हर साल दुनिया पर असर डालने वाले व्यक्तियों को पहचान देती है और इस बार इसमें वैश्विक तनाव, कूटनीति और नई उभरती शक्तियों का साफ प्रतिबिंब दिख रहा है।
क्या कहती है TIME-100 लिस्ट
TIME-100 लिस्ट हर साल उन लोगों को सम्मान देती है, जिन्होंने दुनिया पर गहरा प्रभाव डाला है। इस साल की सूची यह साफ दिखाती है कि अब सिर्फ बड़े देश ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय नेता और नए चेहरे भी वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं।

