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Ashta Bhagavat Katha Tent Collapse Tragedy: श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पंडाल का टेंट गिरा, 25 से 30 श्रद्धालु घायल

Ashta Bhagavat Katha Tent Collapse Tragedy: श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पंडाल का टेंट गिरा, 25 से 30 श्रद्धालु घायल
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Ashta Bhagavat Katha Tent Collapse Tragedy: आष्टा (सीहोर)। सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। प्रसिद्ध कथावाचक कमल किशोर नागर की कथा के दौरान मुख्य पंडाल का टेंट अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में करीब 25 से 30 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद कथा स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई।

Ashta Bhagavat Katha Tent Collapse Tragedy: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कथा सुनने के लिए पंडाल में हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। इसी दौरान अचानक टेंट का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे कई लोग उसके नीचे दब गए। टेंट गिरते ही श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

Ashta Bhagavat Katha Tent Collapse Tragedy: घटना के बाद स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवकों और पुलिस की सहायता से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। टेंट के नीचे फंसे लोगों को बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ श्रद्धालुओं को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

Ashta Bhagavat Katha Tent Collapse Tragedy: हादसे के बाद आयोजन समिति की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Ashta Bhagavat Katha Tent Collapse Tragedy: सूत्रों के अनुसार, आयोजन स्थल पर भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात नहीं था। इसके अलावा आपातकालीन निकासी (इमरजेंसी एग्जिट) की समुचित व्यवस्था भी नहीं थी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही बरते जाने के आरोप सामने आए हैं।

Ashta Bhagavat Katha Tent Collapse Tragedy: घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और राहत दल मौके पर पहुंच गए। घायलों के उपचार के साथ-साथ राहत कार्य जारी है। प्रशासन ने पंडाल गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी खामी अथवा प्रबंधन संबंधी लापरवाही को भी जांच के दायरे में रखा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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