US Iran Conflict: आधी रात ईरान पर अमेरिकी सेना का हमला, सीजी फायर के बीच पश्चिम एशिया में तनाव
- Pradeep Sharma
- 28 May, 2026
US Iran Conflict: तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता के बीच एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने देर रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है।
US Iran Conflict: तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति वार्ता के बीच एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने देर रात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है।
पिछले 48 घंटों में यह अमेरिका का दूसरा बड़ा सैन्य अभियान माना जा रहा है। ये खबर ऐसे वक्त आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों देश एक बड़े समझौते के करीब हैं।
US Iran Conflict: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया जिन्हें वह अपने सैन्य और व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा मान रही थी। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि चार ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया, जबकि बंदर अब्बास स्थित एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर भी हमला किया गया। बताया गया कि वहां से पांचवें ड्रोन को उड़ाने की तैयारी की जा रही थी।
US Iran Conflict: स्थानीय मीडिया के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी नौसेना ने पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी नौसैनिक गतिविधियों को निशाना बनाया। इसके बाद बंदर अब्बास इलाके में देर रात कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 1:30 बजे हुए विस्फोटों के बाद एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया गया।
US Iran Conflict: ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने भी हमलों की पुष्टि करते हुए दावा किया कि बंदर अब्बास और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। एजेंसी के अनुसार, बंदर अब्बास के पूर्वी हिस्से में तीन बड़े विस्फोट दर्ज किए गए।
US Iran Conflict: ईरान ने इन हमलों को युद्धविराम और शांति प्रयासों का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि सैन्य कार्रवाई जारी रही तो जवाबी कदम उठाए जाएंगे।
US Iran Conflict: बता दें कि दो दिन पहले भी अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। उस समय वॉशिंगटन ने इसे आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया था। हालांकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

