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Mahakal Bhasma Aarti : महाकाल मंदिर में निःशुल्क भस्म आरती बंद, चुकाने होंगे रुपए, ऑफलाइन परमिशन भी पूरी तरह बंद

पहले मिलने वाली मुफ्त परमिशन खत्म कर दी गई है और अब 300 तत्काल सीटों के लिए शुल्क तय किया गया है। इसके साथ ही अग्रिम बुकिंग अवधि को तीन महीने से घटाकर एक महीना कर दिया गया है।

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Mahakal Bhasma Aarti : महाकाल मंदिर में निःशुल्क भस्म आरती बंद, चुकाने होंगे रुपए, ऑफलाइन परमिशन भी पूरी तरह बंद
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Mahakal Bhasma Aarti : उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के दर्शन के लिए अब श्रद्धालुओं को नई प्रक्रिया अपनानी होगी। मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लेते हुए ऑफलाइन परमिशन व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया है। अब तक श्रद्धालु घंटों लाइन में लगकर मुफ्त परमिशन लेकर आरती में शामिल होते थे, लेकिन अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है।

ऑफलाइन व्यवस्था खत्म, डिजिटल सिस्टम लागू

पहले रोजाना करीब 1700 श्रद्धालुओं को भस्म आरती की अनुमति मिलती थी, जिसमें से 300 लोगों को ऑफलाइन काउंटर से निःशुल्क परमिशन दी जाती थी। इसके लिए लोगों को 5 से 7 घंटे तक लंबी कतार में खड़ा रहना पड़ता था। अब मंदिर समिति ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया है, जिससे भक्तों को लाइन में लगने की परेशानी से राहत मिलेगी, लेकिन उन्हें ऑनलाइन बुकिंग करना अनिवार्य होगा।

ऐसे होगी भस्म आरती की बुकिंग

नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु अब एक दिन पहले ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बुकिंग कर सकेंगे। इसके लिए सुबह 8 बजे वेबसाइट खुलती है और “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर सीटें बुक होती हैं। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी को 17 अप्रैल की भस्म आरती में शामिल होना है, तो उसे 16 अप्रैल सुबह 8 बजे पोर्टल पर लॉगिन करके तुरंत बुकिंग करनी होगी।

मुफ्त परमिशन खत्म, अब देनी होगी फीस

मंदिर समिति ने निःशुल्क परमिशन की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी है। अब तत्काल बुकिंग के लिए उपलब्ध 300 सीटों के लिए प्रत्येक श्रद्धालु को 200 रुपये शुल्क देना होगा। इस फैसले के बाद अब कोई भी श्रद्धालु बिना शुल्क के भस्म आरती में शामिल नहीं हो सकेगा।


एडवांस बुकिंग के नियमों में बदलाव

मंदिर प्रशासन ने अग्रिम बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया है। पहले श्रद्धालु तीन महीने पहले तक बुकिंग कर सकते थे, जिससे कई लोगों को मौका नहीं मिल पाता था। अब इस अवधि को घटाकर एक महीना कर दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा भक्तों को दर्शन का अवसर मिल सके।

त्रिकाल आरती भी हुई ऑनलाइन

भस्म आरती के साथ-साथ संध्या आरती और शयन आरती की व्यवस्था भी ऑनलाइन कर दी गई है। संध्या आरती के लिए दोपहर 12 बजे और शयन आरती के लिए शाम 4 बजे पोर्टल खुलेगा। इन आरतियों में बैठकर दर्शन करने के लिए 250 रुपये शुल्क तय किया गया है। हालांकि, जो श्रद्धालु शुल्क नहीं देना चाहते, उनके लिए लाइन में चलते हुए नि:शुल्क दर्शन की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।


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