Women Reservation Bill: महिला आरक्षण पर इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक आज, कल सदन में मचेगा हंगामा, जानें विपक्ष किस बात पर उठा रहा है आपत्ति
Women Reservation Bill: नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण संशोधन बिल सदन में पेश किये जाने से पहले आज 15 अप्रैल को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ की बैठक दोपहर 3 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

Women Reservation Bill: नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण संशोधन बिल सदन में पेश किये जाने से पहले आज 15 अप्रैल को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया ब्लॉक’ की बैठक दोपहर 3 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर होगी।
Women Reservation Bill: विपक्षी दलों ने मांग की है कि पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को मतदान के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, ताकि व्यापक चर्चा संभव हो सके। हालांकि, सरकार चुनाव के बीच ही संसद सत्र बुलाने के अपने फैसले पर कायम है।
Women Reservation Bill: इंडिया ब्लॉक ने आरोप लगाया है कि महिला आरक्षण बिल का आधिकारिक मसौदा सांसदों को बेहद कम समय में उपलब्ध कराया गया, जिससे इस पर गंभीर और विस्तृत चर्चा संभव नहीं हो सकी। विपक्ष का कहना है कि सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर रही है और इस मुद्दे का इस्तेमाल खासकर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में महिला वोटरों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
Women Reservation Bill: बता दें कि केंद्र सरकार ने 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद सत्र बुलाया है, जिसमें महिला आरक्षण लागू करने की कोशिश की जाएगी। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ऊर्जा संकट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह कदम उठा रही है। साथ ही, परिसीमन और सीटों में प्रस्तावित बढ़ोतरी से राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व में असंतुलन पैदा हो सकता है।
Women Reservation Bill: सीटों के फॉर्मूले पर असहमति
प्रस्तावित सीट वितरण को लेकर भी विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे बड़े और छोटे राज्यों के बीच अंतर और बढ़ेगा। उदाहरण के तौर पर तेलंगाना और मध्य प्रदेश, तमिलनाडु-पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश, तथा केरल और बिहार के बीच प्रतिनिधित्व का अंतर बढ़ सकता है।
Women Reservation Bill: ओबीसी महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा
विपक्ष ने सरकार पर ओबीसी महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि परिसीमन 2011 की जनगणना के बजाय नई जातिगत जनगणना के आधार पर किया जाना चाहिए। विपक्ष का तर्क है कि महिला आरक्षण बिल 2023 में पारित हो चुका था और इसे 2024 से लागू किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर टाल दिया।


