Uttarakhand cabinet meeting: उत्तराखंड कैबिनेट की बड़ी बैठक, चकबंदी से लेकर EV पॉलिसी तक कई अहम फैसलों पर मुहर
Uttarakhand cabinet meeting: देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें चकबंदी, चिकित्सा शिक्षा, पर्यटन, ऊर्जा, परिवहन और पर्यावरण से जुड़े बड़े फैसले शामिल रहे। सरकार ने राज्य में प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ ऊर्जा बचत और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी कई नई पहल की घोषणा की।
पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू
कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी योजना लागू करने का फैसला लिया है। प्रत्येक जिले में 10 गांवों को लक्ष्य बनाया जाएगा। इसके लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति जरूरी होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी और आपत्तियों के निस्तारण की भी व्यवस्था रहेगी। साथ ही उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों की सेवा नियमावली 2026 को भी मंजूरी दी गई।
चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र में बड़े निर्णय
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कर्मचारियों को “समान कार्य, समान वेतन” का लाभ मिलेगा। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए 29 से बढ़ाकर 40 पद स्वीकृत किए गए हैं। लैब टेक्नीशियन संवर्ग में भी बदलाव करते हुए 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद बनाए जाएंगे। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट में 16 नए पदों को मंजूरी मिली है।
पर्यटन और होम स्टे नीति में बदलाव
यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन करते हुए अब होम स्टे में छह की जगह आठ कमरे तक की अनुमति दी गई है। संचालक का वहीं रहना अनिवार्य होगा और नवीनीकरण स्वतः हो जाएगा। सरकार ने “Visit My State” अभियान के तहत घरेलू पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की भी घोषणा की।
EV पॉलिसी और नो व्हीकल डे लागू करने की तैयारी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वैश्विक संकट और बढ़ती ईंधन कीमतों को देखते हुए राज्य में ऊर्जा बचत और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा। जल्द ही नई EV पॉलिसी लाई जाएगी, जिसमें नए सरकारी वाहनों में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन अनिवार्य होंगे। सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने और सरकारी विभागों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने का फैसला भी लिया गया है।
सरकारी खर्च और ईंधन बचत पर जोर
सरकार ने विदेशी यात्राओं को सीमित करने, AC के उपयोग में कमी लाने और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहन काफिले में भी वाहनों की संख्या कम की जाएगी। “मेरा भारत, मेरा योगदान” और “Made in State” जैसे अभियान चलाकर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा।
प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा को बढ़ावा
किसानों को प्राकृतिक खेती, जीरो बजट फार्मिंग और जैविक उत्पादों के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। साथ ही PM Surya Ghar Yojana के तहत रूफटॉप सोलर, PNG कनेक्शन और गोबर गैस परियोजनाओं को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार ने Mining, Solar और Power Projects की मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने के भी निर्देश दिए हैं।

