Taiwan-Indian Share Market: ताइवान के बाद दक्षिण कोरिया से भी पिछड़ा भारतीय बाजार, जानिए क्यों पिछड़ा भारत ?
Taiwan-Indian Share Market

Taiwan-Indian Share Market: नई दिल्ली। वैश्विक शेयर बाजारों की रैंकिंग में भारत को एक और झटका लगा है। दक्षिण कोरिया ने बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के मामले में भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा इक्विटी मार्केट बनने का स्थान हासिल कर लिया है। इसके साथ ही भारत सातवें स्थान पर पहुंच गया है।
दक्षिण कोरिया की बाजार में बड़ी छलांग
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण इस वर्ष 86 प्रतिशत बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप घटकर 4.8 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। अमेरिका, चीन, जापान, हांगकांग और ताइवान इस सूची में शीर्ष पांच स्थानों पर बने हुए हैं।
एआई कंपनियों ने बढ़ाई ताकत
दक्षिण कोरिया की इस उपलब्धि में तकनीकी दिग्गज कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर से जुड़े मेमोरी चिप्स की बढ़ती मांग के कारण दोनों कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है। हाल ही में दोनों कंपनियां 1 ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप क्लब में शामिल हुई हैं।
भारत क्यों पिछड़ा?
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये की कमजोरी, ऊंची ऊर्जा लागत और एआई क्षेत्र में वैश्विक स्तर की बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों की कमी का असर पड़ा है। हालांकि अर्थव्यवस्था के आकार के मामले में भारत दक्षिण कोरिया से काफी आगे है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 4.15 ट्रिलियन डॉलर जबकि दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था लगभग 1.93 ट्रिलियन डॉलर है।


