Ayodhya : अयोध्या राम मंदिर में श्रीराम यंत्र स्थापना, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी मुख्य अतिथि, 7000 मेहमान होंगे शामिल
Ayodhya : लखनऊ। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में 19 मार्च को ऐतिहासिक और भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और श्रीराम यंत्र की पूजा-अर्चना करेंगी। यह कार्यक्रम चैत्र नवरात्र के पहले दिन यानी वर्ष प्रतिपदा के शुभ अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।
Ayodhya : श्रीराम यंत्र की महत्ता और स्थापना
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, यह यंत्र दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज द्वारा अयोध्या भेजा गया था। वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित यह यंत्र सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। 19 मार्च को सुबह 11:55 बजे अभिजित मुहूर्त में इसका मुख्य अनुष्ठान संपन्न होगा।
Ayodhya : 7000 से अधिक लोग होंगे शामिल
इस कार्यक्रम में लगभग 7000 लोग उपस्थित रहेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के संभ्रांत व्यक्तियों के साथ मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लोग भी शामिल होंगे। नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पहले से ही चल रहा है, जिसमें दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के विद्वान आचार्य भाग ले रहे हैं।
Ayodhya : राष्ट्रपति का आगमन और मुख्य कार्यक्रम
राष्ट्रपति सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगी, उनका स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। राष्ट्रपति मंदिर परिसर में प्रवेश कर यंत्र की पूजा-अर्चना करेंगी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्थापना अनुष्ठान में भाग लेंगी। पूजन के पश्चात राष्ट्रपति प्रसाद ग्रहण करेंगी और भोजन के बाद वापस रवाना होंगी।
Ayodhya : प्रमुख अतिथि और संतों की मौजूदगी
इस भव्य आयोजन में लगभग 300 संत और विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे। केरल की पूज्य माता Amritanandamayi एक हजार भक्तों के साथ अयोध्या पहुंचेंगी। मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले एलएंडटी और टाटा कंपनी के प्रतिनिधि, गुजरात के आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई और अन्य विशेषज्ञ भी इसमें शामिल होंगे।
Ayodhya : सुरक्षा और आयोजन व्यवस्थाएं
सभी अतिथियों को विशेष पास जारी किए जाएंगे, जिन पर क्यूआर कोड अंकित होगा। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, हथियार और सुरक्षा उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। केवल सिख धर्म के अनुयायी ही कृपाण लेकर प्रवेश कर सकेंगे। अतिथियों के लिए फलाहारी भोजन की व्यवस्था की गई है, जबकि आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन सामान्य रूप से जारी रहेंगे।
Ayodhya : मंदिर परिसर की सजावट और तैयारी
योगी सरकार ने कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सजावट और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले हजारों कार्यकर्ताओं के सम्मान का अवसर भी प्रदान करेगा। अयोध्या में यह समारोह देश के लिए आस्था और गौरव का प्रतीक बन जाएगा।

