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Lok Sabha: लोकसभा में 8 सांसदों का निलंबन रद्द, किरेन रिजिजू ने रखा प्रस्ताव; बजट सत्र में भाग लेने का रास्ता साफ

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Lok Sabha: नई दिल्ली: लोकसभा में निलंबित किए गए आठ सांसदों को बड़ी राहत मिली है। संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू के प्रस्ताव के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने निलंबन रद्द करने की घोषणा की। सदन में सहमति बनने के बाद सभी आठ सांसदों का निलंबन तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया, जिससे अब वे बजट सत्र की कार्यवाही में हिस्सा ले सकेंगे।


Lok Sabha: अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत

फैसले के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी सांसदों को सदन की मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन के भीतर तख्तियां, बैनर और एआई जनित तस्वीरों के इस्तेमाल की सख्त मनाही है। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है।


Lok Sabha: रिजिजू के प्रस्ताव पर बनी सहमति

संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार किसी भी सांसद को जानबूझकर सदन से बाहर नहीं करना चाहती। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं, महाराष्ट्र की सांसद सुप्रिया सुले ने असहमति की आवाज दबाए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की।


Lok Sabha: इन सांसदों को मिला लाभ

निलंबन रद्द होने से जिन सांसदों को राहत मिली, उनमें डीन कुरियाकोस, किरण रेड्डी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िग, मणिकम टैगौर, गुरजीत औजला, हिबी इडेन, वेंकेट रमन और प्रशांत पडोले शामिल हैं।


Lok Sabha: कैसे हुआ निलंबन रद्द?

कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द करने की अपील की और सदन की कार्यवाही में सहयोग का भरोसा जताया। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष को भी सदन की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। इसके बाद किरण रिजिजू ने सदन के सुचारू संचालन के लिए “लक्ष्मण रेखा” तय करने की बात कही, जिसके बाद निलंबन रद्द करने पर सहमति बन गई।


Lok Sabha: क्यों किया गया था निलंबन?

3 फरवरी को लोकसभा में हुए हंगामे के दौरान कुछ सांसदों ने नारेबाजी की और स्पीकर के आसन की ओर कागज फेंके। इसे सदन की मर्यादा का उल्लंघन मानते हुए संबंधित सांसदों को सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था।


Lok Sabha: कैसे हुई थी कार्रवाई?

3 फरवरी को दोपहर तीन बजे जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तब पीठासीन अध्यक्ष ने आसन की ओर कागज फेंकने वाले सांसदों के नाम दर्ज करने की बात कही। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू ने निलंबन का प्रस्ताव रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। अब सहमति बनने के बाद यह निलंबन वापस ले लिया गया है।

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