Jag Laadki: होर्मुज का सीना फाड़ मुंद्रा पोर्ट पहुंचा जग लाडकी, 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर गुजरात पहुंचा
Jag Laadki: नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है। एलपीजी और कच्चा तेल लेकर आने वाले भारतीय ध्वज वाले टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात के बंदरगाहों तक पहुंच रहे हैं, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल सुचारू बनी हुई है।
Jag Laadki: मुंद्रा पोर्ट पहुंचा ‘जग लाडकी’
गुजरात के मुंद्रा स्थित अदाणी पोर्ट पर कच्चा तेल लेकर ‘जग लाडकी’ टैंकर सुरक्षित पहुंचा। इस जहाज पर 22 भारतीय नाविक सवार थे, जो पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह टैंकर संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह से करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया है। खास बात यह है कि यह जहाज उसी दिन रवाना हुआ था, जब फुजैराह पर हमला हुआ था।
Jag Laadki: एलपीजी आपूर्ति को मिला बढ़ावा
एक दिन पहले ‘नंदा देवी’ नामक एलपीजी टैंकर 46,500 मीट्रिक टन गैस लेकर वाडीनार पोर्ट पहुंचा। यहां शिप-टू-शिप ट्रांसफर के जरिए गैस दूसरे जहाज में भेजी जा रही है। इससे देश में एलपीजी आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Jag Laadki: होर्मुज से सुरक्षित गुजर रहे भारतीय जहाज
ओमान से अफ्रीका जा रहा ‘जग प्रकाश’ टैंकर भी होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर सुरक्षित आगे बढ़ चुका है। अब तक इस संवेदनशील क्षेत्र से चार भारतीय जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं। वर्तमान में 24 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनमें तेल, गैस और अन्य कार्गो ले जाने वाले पोत शामिल हैं।
Jag Laadki: सरकार की सतर्कता और निर्देश
स्थिति को देखते हुए सरकार ने सभी प्रमुख बंदरगाहों को सतर्क रहने और कार्गो संचालन तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शुल्क में छूट और अस्थायी ट्रांसशिपमेंट की सुविधा भी दी जा रही है, ताकि आपूर्ति प्रभावित न हो।
Jag Laadki: क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल और गैस की लगभग 20% आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तनाव का असर पूरी दुनिया और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है।

