नाक रगड़कर माफी मांगे नहीं तो जनता गंगा घाट पर करेंगी कांग्रेस का पिंडदान: रामेश्वर शर्मा
भोपाल। पूर्व प्रोटेम स्पीकर और बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने महू में आयोजित कांग्रेस रैली के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विदेशी हुकूमत के हिसाब से चलती है। कांग्रेस का जन्मदाता भी विदेशी और नेतृत्वकर्ता भी विदेशी है। कांग्रेस का स्वदेशी भाव खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने देश में रामराज की कल्पना की थी। कांग्रेस ने राम को ही नकार कर दिया है।
यह चीन के इशारे और, पाकिस्तान के टुकड़ों पर पलने वाली आज की कांग्रेस है। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिताजी ने उनका नाम मल्लिकार्जुन रखा था। उम्मीद थी कि आप राम, गंगा, गौ माता को जानते होंगे गीता, गंगा, गौ माता भारत की आत्मा हैं। लेकिन आपने भारत की आत्मा पर प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी बिरयानी खाने चले जाएंगे,रोजा इफ्तारी करने चले जाएंगे,आतंकवादियों की मौत पर आंसू बहाने चले जाएंगे लेकिन गंगा में डुबकी लगाने नहीं जाएंगे। वह प्रार्थना कर रहे हैं कि कांग्रेस से पिंडदान छुड़ाओ,नाक रगड़कर माफी मांगे नहीं तो जनता गंगा घाट पर कांग्रेस का पिंडदान कर देगी।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सोनिया गांधी के इशारे पर रामकृष्ण गौतम महावीर का अपमान हो रहा है। कांग्रेस का पूरा कुनबा सनातन विरोधी है हम गंगा में डुबकी लगाएंगे मोक्ष भी मिलता है। और गंगा में डुबकी लगाने से अरबों का व्यापार भी होता है। जहां जवाहरलाल नेहरू पैदा हुए वहां की भूमि पर जाकर आम लोगों से पूछो कि कितना व्यवसाय चल रहा है। फूल, अगरबत्ती नारियल टेंट वालों से पूछो कितना व्यवसाय होता है। गंगा राम गीत माता गौ माता का अपमान कर रही है। कांग्रेस डुबकी वाले फोटो इसलिए नहीं खिंचवा सकते क्योंकि तुम्हारे बाप पाकिस्तान में बैठे हैं।
वक्फ संपत्तियों के भौतिक सत्यापन पर विधायक रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान
वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के भौतिक सत्यापन पर रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वक्फ जमीन के भौतिक सत्यापन का काम तो होना ही चाहिए था। क्योंकि वह प्रॉपर्टी भी वक्फ की बता दी जाती है जिसपर वक्फ का कोई अधिकार नहीं है। विभाजन के बाद जो लोग पाकिस्तान चले गए, जमीन छोड़ गए, उसे देने वाला मौके पर मौजूद नहीं था लेकिन आपने उसे भी वक्फ का बता दिया और हथिया लिया। पहले जहां नवाबी रियासतें रही है, वहां हिंदुओं के श्मशान घाट को भी कब्रिस्तान लिख दिया गया।
क्योंकि उस समय उर्दू भाषा चलती थी नायब तहसीलदार वगेरह उर्दू भाषा के जानकार होते थे इसलिए उन्होंने बहुत सारी जमीन को उर्दू में लिखा है। लेकिन आज उसका भौतिक सत्यापन जरूरी है। भोपाल के बैरागढ़ में 100 एकड़ की प्रॉपर्टी को उन्होंने वक्फ की प्रॉपर्टी बताना शुरू कर दिया। इसलिए वक्फ की प्रॉपर्टी का सत्यापन होना जरूरी है। साथ ही जिन अधिकारियों - कर्मचारियों ने फर्जी तरह से ये काम किए हैं उन सब के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होना चाहिए।

