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Chhath Puja 2025: नहाय-खाय से शुरू हुआ चार दिवसीय छठ महापर्व, कल खरना, जानें शुभ मुहूर्त

Dev Verma
Chhath Puja 2025: नहाय-खाय से शुरू हुआ चार दिवसीय छठ महापर्व, कल खरना, जानें शुभ मुहूर्त
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Chhath Puja 2025: कार्तिक छठ 2025 का महापर्व शनिवार से नहाय-खाय के साथ आरंभ हो गया है। सूर्योपासना का यह चार दिवसीय पर्व भारतीय संस्कृति और लोक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पहले दिन व्रती नर-नारी नहाय-खाय के संकल्प के तहत नदियों, तालाबों और पोखरों के निर्मल जल में स्नान कर अंतःकरण की शुद्धि करते हैं। इसके बाद अरवा भोजन ग्रहण कर वे इस पवित्र व्रत की शुरुआत करते हैं। सुबह से ही श्रद्धालु गंगा नदी, तालाब और पोखर में स्नान करते हुए व्रत के लिए तैयारी करते हैं।

Chhath Puja 2025: खरना पर्व और शुभ मुहूर्त

छठ महापर्व का दूसरा दिन जिसे लोहंडा और खरना कहा जाता है, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन व्रती महिलाएं और पुरुष पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं। शाम के समय सूर्यास्त के समय भगवान सूर्य की पूजा के बाद दूध और गुड़ से बनी खीर का प्रसाद ग्रहण कर वे अपना उपवास तोड़ेंगे।

इस दिन के विशेष मुहूर्त इस प्रकार हैं:

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:47 बजे से 5:38 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त: दिन 11:42 बजे से 12:27 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:41 बजे से 6:06 बजे तक

Chhath Puja 2025: 36 घंटे का निर्जला व्रत

छठ पूजा में महिलाएं और पुरुष करीब 36 घंटे तक व्रत रखते हैं। यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कष्टों के निवारण के लिए किया जाता है। इस महापर्व की खास बात यह है कि इसे करने के लिए किसी पुरोहित की आवश्यकता नहीं होती।

Chhath Puja 2025: तीसरे और चौथे दिन के अनुष्ठान

महापर्व के तीसरे दिन व्रतधारी अस्ताचलगामी सूर्य को नदियों और तालाबों में खड़े होकर प्रथम अर्घ्य अर्पित करेंगे। इस दिन फल और कंद मूल का अर्घ्य दिया जाएगा। पर्व के चौथे और अंतिम दिन व्रतधारी उदीयमान सूर्य को दूसरा अर्घ्य देंगे। दूसरा अर्घ्य अर्पित करने के बाद श्रद्धालु अपना 36 घंटे का निर्जला व्रत समाप्त कर अन्न-जल ग्रहण करेंगे।


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