CG News : छत्तीसगढ़ में सरकार बदली लेकिन शिक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं...
- Rohit banchhor
- 16 Dec, 2024
आज भी शासकीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम है और शिक्षक भी कई बार स्कूलों से अनुपस्थित पाए जाते हैं।
CG News : गौरीशंकर गुप्ता, घरघोड़ा। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद प्रदेश ने कई क्षेत्रों में विकास किया है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। राज्य बनने के बाद कांग्रेस की अजीत जोगी सरकार ने तीन वर्षों तक शासन किया और इसके बाद भाजपा सरकार आई। भाजपा सरकार ने हजारों शिक्षकों की भर्ती और सैकड़ों नए स्कूल खोले, लेकिन इन प्रयासों का असर शिक्षा के स्तर पर स्पष्ट रूप से नहीं दिखा। आज भी शासकीय स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम है और शिक्षक भी कई बार स्कूलों से अनुपस्थित पाए जाते हैं।
CG News : अधिकांश शिक्षक शहरों में रहते हैं और अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि निजी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर है। निजी स्कूलों की बढ़ती संख्या और उनका शिक्षा स्तर बेहतर मानने की प्रवृत्ति ने शासकीय स्कूलों को पीछे छोड़ दिया है। सच्चाई यह है कि जब तक शासकीय अधिकारी और कर्मचारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं भेजेंगे, तब तक शिक्षा के स्तर में सुधार संभव नहीं होगा। सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर सुधारने के लिए शासन को कठोर कदम उठाने चाहिए।
CG News : भाजपा सरकार ने शिक्षा सुधार के लिए कई योजनाएं लागू की, लेकिन इन योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभाव नजर नहीं आया। ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय स्कूलों में अधिकतर बच्चे सिर्फ मध्यान्ह भोजन के लिए जाते हैं। शिक्षकों को विभिन्न कार्यों के लिए आदेशित किया जाता है, लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। दूसरी ओर, निजी स्कूलों में भारी फीस के बावजूद बच्चों की भारी भीड़ रहती है।
CG News : हालांकि, अधिकांश निजी स्कूलों में शिक्षक शासन द्वारा निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते। इसके बावजूद, शासकीय अधिकारी और कर्मचारी अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाते हैं, जिससे शासकीय स्कूलों का स्तर और भी गिर जाता है। यह स्थिति गंभीर है और शासन को इस पर विचार कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

