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MP News : शहर के घाटों पर अब तक नहीं बनें अस्थायी विसर्जन कुंड, संगठनो ने की यह मांग

पड़ताल में सामने आया कि कमलापति घाट में चार से छह फिट ही पानी है।

MP News : शहर के घाटों पर अब तक नहीं बनें अस्थायी विसर्जन कुंड, संगठनो ने की यह मांग
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MP News : भोपाल। गणेश चतुर्थी के साथ ही घर-घर, चौराहे-चौराहे गणपतिजी की झांकियां सज गई हैं। सात दिन बाद अनंत चतुर्दशी पर घर-घर में विराजित हजारों छोटी प्रतिमाएं भी बड़ी झांकियों के साथ विसर्जन के लिए घाटों पर पहुंचेगी। पुराने शहर के मुख्य रानी कमलापति घाट पर छोटी प्रतिमाओं के लिए विसर्जन कुंड बनाने का काम रविवार की शाम तक शुरू नहीं हुआ है।


MP News : जिसे लेकर आयोजकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वैसे इस मामले को लेकर घाट समिति दो सालों से मांग कर रही है। अब हिंदू उत्सव समिति भी पुलिस और प्रशासन को इससे अवगत करा चुकी है। बताया गया कि तत्काल पक्का कुंड नहीं भी बना तो कलेक्टर के दिए आदेशानुसार नगर निगम को टेम्प्रेरी विसर्जन कुंड बनाना शुरू कर देना चाहिए। रविवार को निगम के अमले ने साफ-सफाई तो शुरू की थी,लेकिन कुंड बनाने का काम शुरू नहीं किया गया।



MP News : गहरीकरण की जरूरत
पड़ताल में सामने आया कि कमलापति घाट में चार से छह फिट ही पानी है। नीचे चट्टाने व गाद होने से छह फिट से बड़ी प्रतिमा इसमें डूबती नहीं है। वहीं खटलापुरा घाट पर भी छह से आठ फिट पानी है। नीचे गाद जमी हुई है। जिसकी सफाई शुरू नहीं हुई है। शासन के आदेश के बाद भी इस बार शहर में बीस फीट तक की सैकड़ों झांकियां मूर्तिकारों से बनाई है। समय रहते घाटों में उचित इंतजाम नहीं हुए तो विसर्जन को लेकर दिक्कतें होना तय है।



MP News : दो साल से हो रही मांग
कुंड नहीं बनने पर हिंदू उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि शीतलदास घाट पर प्रतिबंध लग जाने के लिए कारण पुराने शहर के अधिकांश लोग कमलापति घाट पर भी विसर्जन के लिए आते हैं। जिनकी धार्मिक आस्था के साथ घाट पर कुंड नहीं होने से खिलबाड़ होता है। जबकि खटलापुरा, प्रेमपुरा, शीतलदास की बगिया घाट तक पर विसर्जन कुंड बने हुए हैं। पिछले दो सालों से विसर्जन कुंड बनाने की मांग की जा रही है।



MP News : स्लाइडर मशीनों का भी नहीं हुआ मेंटेनेंस
कमलापति घाट व खटलापुरा घाट व प्रेमपुराघाट पर लगी स्लाइडर मशीनें मेंटेनेंस के अभाव में खुले में जंग खा रही है। उनका मेंटेनेंस व ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में कोई तकनीकी खराबी हुई तो स्लाइडर के उपयोग करने में दिक्कत होगी।

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