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वन्य प्राणियों के अवशेषों की तस्करी में फंसाने किया डिजीटल अरेस्ट, फरियादी ने खुदको मजदूर बताकर कहां खाते में सिर्फ 4 हज़ार रूपए

भोपाल। राजधानी के कोहेफिजा इलाके में एक निजी स्कूल के संचालक को उनके घर में 35 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया। बैंकाक जाने वाले पार्सल में संचालक का आधार कार्ड मिलने के साथ टाइगर स्किन, नेल्स, 18 फर्जी पासपोर्ट और 8 एटीएम मिलने का झांसा देकर उन्हें डराया धमकाया। जालसाजों ने स्कूल संचालक के साथ उनकी पत्नी का मोबाइल रखवा लिया। दोनों को सर्विलांस पर रखा। प्लस 87 यानी विदेशी नंबर से कॉल आया था। इस बीच संचालक की पत्नी ने बच्चे के मोबाइल से यू-ट्यूब पर इस तरह के फर्जी स्कैम वाले मामले देख लिए। फर्जीवाड़ा समझने के बाद उन्होंने मोबाइल नंबर बंद कर लिया और रात में ही सायबर पुलिस से शिकायत की।
सायबर पुलिस मामले की जांच कर रही है। सायबर क्राइम पुलिस के मुताबिक, 59 वर्षीय फारूख अंजुम खान हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते हैं और निजी स्कूल का संचालन करते हैं। दोपहर उनके पास कॉल आया। कॉलर ने खुद को डीएचएल पार्सल कंपनी का कर्मचारी बताकर बोला कि आपने जो पार्सल बैंकाक भेजा था, वह कस्टम में फंसा हुआ है। फारूख ने पार्सल भेजने से मना किया तो जालसाज ने कहा कि आपका आधार कार्ड लगा है, आप हमारे अधिकारी से बात कर लीजिए। जालसाजों से फारूख ने कहा मैं बैंकाक में किसी को जानता भी नहीं हूं।
जवाब मिला कि सर कस्टम वालों ने चेक किया तो पार्सल में टाइगर स्किन और नेल्स हैं। 18 पासपोर्ट हैं, और 8 एटीएम कार्ड हैं। फारूक ने लगातार मना किया तो उन्होंने कहा ठीक है आप सायबर सेल में उसकी शिकायत कर दें। जालसाज ने सायबर सेल दिल्ली को कॉल कनेक्ट करने का कहकर एक अन्य से बात कराई। उन्होंने फारूख से ऑनलाइन आने का कहकर लैपटॉप खुलवा लिया। स्काइप एप डाउनलोड करवाकर लाइव जोड़ लिया। वीडियो में वर्दी में तीन अफसर बैठे थे।
सात राज्यों में आधार कार्ड का इस्तेमाल
जालसाजों ने लैपटॉप के कैमरे को 360 डिग्री घुमवाकर उनके रूम के एग्जिट और एंट्रेस देख लिए। पत्नी को भी कमरे में बुलवा लिया। उनका मोबाइल अपने सामने रखवा लिया। पति-पत्नी दोनों वीडियो कॉल पर थे। उन्होंने किसी से भी संपर्क करने से मना कर दिया। दवाई लेने तक के लिए उन्होंने दोनों को सर्विलांस पर रखा। उन्होंने बताया कि आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल सात राज्यों में किया जा रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग से लेकर वन्य प्राणियों के अवशेषों की तस्करी तक में इस आधार का इस्तेमाल किया गया है।
बैंक खातों से संबंधित सवाल किए
जालसाजों ने फारूख को धमकी दी कि सर्विलांस से हटे तो तुरंत आपको स्थानीय पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। बैंक खातों से संबंधित सवाल किए। फारूख ने बताया उसके खाते में 4-5 हजार रुपए है। वह मजदूरी करते हैं। यह सुनकर जालसाजों ने उनसे पैसों की डिमांड नहीं की। 35 घंटे तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट पर रखा। जमकर डराया और धमकाया।
वाशरूम जाने के लिए उठे तो लगाई फटकार
जालसाजों ने कहा कि हमारे पास आपके 5-6 खातों की जानकारी हैं। बाकी खातों की जानकारी भी दे दो। फारूख ने समझदारी दिखाते हुए अपने बैंक खातों के नंबर बदलकर उन्हें बता दिए। रविवार दोपहर फारूक वाशरूम जाने के लिए लैपटॉप से हटे तो जालसाजों ने उन्हें फटकार लगाई बोले कि आप दोबारा ऐसा करेंगे तो स्थानीय पुलिस आपको तुरंत गिरफ्तार कर लेगी।
आरक्षक को धमकाया
ठगी होने का अहसास होने पर फारूक ने कॉल कनेक्ट कर दिया और सायबर क्रइम पुलिस के पास पहुंचे, जहां मिले आरक्षक को सारी बात बताई। आरक्षक ने जालसाजों से बात की तो वह उसे धमकाने लगे। इसके बाद कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया।
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