Captain Cool: MS धोनी ने क्यों कराया ‘कैप्टन कूल’ का ट्रेडमार्क रजिस्टर, सामने आई बड़ी वजह
Captain Cool: नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में अपनी शांत सोच, निर्णायक क्षमताओं और दबाव में भी मुस्कुराते रहने वाले स्वभाव के कारण महेंद्र सिंह धोनी को ‘कैप्टन कूल’ कहा जाता है। अब यह उपनाम केवल एक उपाधि नहीं रह गया है, बल्कि धोनी ने इसे आधिकारिक तौर पर ट्रेडमार्क करा लिया है। धोनी ने 16 जून को ‘कैप्टन कूल’ नाम को कानूनी सुरक्षा दिलाने के लिए इसका ट्रेडमार्क क्लास 41 के तहत आवेदन किया, जो मुख्य रूप से खेल, कोचिंग, प्रशिक्षण और शैक्षणिक सेवाओं से जुड़ा हुआ वर्ग है। अब कोई अन्य व्यक्ति या संस्था इस नाम का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकती।
धोनी की ब्रांड वैल्यू को मिलेगा जबरदस्त बूस्ट
इस ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन के बाद ‘कैप्टन कूल’ नाम पर पूरी तरह से धोनी का अधिकार हो गया है। इसका मतलब है कि अब इस नाम से जुड़ी कोई भी प्रोडक्ट, सर्विस या प्रमोशन अगर किया जाएगा, तो उसके लिए धोनी की अनुमति अनिवार्य होगी। यह कदम धोनी के लिए सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि व्यक्तिगत ब्रांडिंग को मज़बूत करने की एक रणनीति है। धोनी की वकील मानसी अग्रवाल के मुताबिक, इस ट्रेडमार्क से धोनी की ब्रांड वैल्यू को कानूनी सुरक्षा मिलेगी और उनके नाम का गलत या अनधिकृत उपयोग रोका जा सकेगा।

आपत्ति भी हुई, पर माही की टीम तैयार थी
हालांकि ट्रेडमार्क फाइलिंग के बाद इस पर आपत्ति भी जताई गई। आपत्ति में दावा किया गया कि ‘कैप्टन कूल’ नाम पहले से ही पंजीकृत है। लेकिन धोनी की लीगल टीम ने इन दावों का सटीक जवाब दिया और अब यह नाम धोनी के आधिकारिक ब्रांड टैग के रूप में दर्ज हो चुका है।

नाम नहीं, पहचान है ‘कैप्टन कूल’
धोनी के इस कदम से साफ है कि उन्होंने सिर्फ क्रिकेट में ही नहीं, बल्कि ब्रांडिंग और कानूनी रणनीति में भी अपनी कप्तानी का कमाल दिखाया है। ‘कैप्टन कूल’ अब केवल एक उपनाम नहीं, बल्कि धोनी की स्मार्ट सोच और प्रोफेशनल अप्रोच का उदाहरण बन गया है।

