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Haryana HSPCB Fund Scam: रिटायरमेंट से कुछ घंटे पहले 169 करोड़ के गबन के मामले में IAS अफसर गिरफ्तार, CBI ने लिया हिरासत में

Dev Verma
Haryana HSPCB Fund Scam: रिटायरमेंट से कुछ घंटे पहले 169 करोड़ के गबन के मामले में IAS अफसर गिरफ्तार, CBI ने लिया हिरासत में
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Haryana HSPCB Fund Scam: चंडीगढ़। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के तत्कालीन सदस्य सचिव एवं आईएएस अधिकारी प्रदीप कुमार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने फर्जी एफडी के मामले में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी उनकी सेवानिवृत्ति से कुछ घंटे पहले की गई। इस मामले में सीबीआई इससे पहले दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है।

सीबीआई के अनुसार, जांच में प्रदीप कुमार की कथित भूमिका सीधे तौर पर सामने आई है। एजेंसी का दावा है कि सदस्य सचिव के रूप में वे निवेश संबंधी प्रक्रियाओं की निगरानी स्वयं करते थे। जांच में पाया गया कि बोर्ड की सावधि जमा (एफडी) के नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC First Bank में स्थानांतरित की गई।

सीबीआई के मुताबिक, प्रदीप कुमार जांच के दौरान सहयोग नहीं कर रहे थे और कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद पूछताछ में शामिल नहीं हुए। बाद में उनकी लोकेशन का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। यह मामला हरियाणा सरकार के अनुरोध पर राज्य विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो से सीबीआई को सौंपा गया था।

जांच में खुलासा हुआ है कि कथित घोटाला केवल हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक सीमित नहीं है। आरोप है कि IDFC First Bank की सेक्टर-32 शाखा के माध्यम से हरियाणा सरकार के आठ विभागों के लगभग 504 करोड़ रुपये फर्जी एफडी और संदिग्ध बैंक लेनदेन के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में भेजे गए।

सीबीआई अब तक इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, निजी कंपनियां और अन्य संबंधित आरोपी शामिल हैं। एजेंसी पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

जांच एजेंसी का कहना है कि बिना सक्षम अनुमति के बैंक खाता खोला गया और सावधि जमा के नाम पर उसमें सरकारी धन स्थानांतरित किया गया। अब तक की जांच में संबंधित खाते में कोई वास्तविक एफडी नहीं मिलने का दावा किया गया है। सीबीआई का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।


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