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Raipur City News : हवा में लहराता खतरा: चायनीज मांझा बेचने वालों पर एफआईआर, सात वर्षीय बच्चे की मौत के बाद जागा प्रशासन...

पुलिस ने चार और चायनीज मांझा विक्रेताओं के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

Raipur City News : हवा में लहराता खतरा: चायनीज मांझा बेचने वालों पर एफआईआर, सात वर्षीय बच्चे की मौत के बाद जागा प्रशासन...
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Raipur City News : रायपुर। राजधानी में सात वर्षीय बालक पुष्कर साहू की चायनीज नायलोन मांझे में फंसकर हुई दर्दनाक मौत के बाद अब पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने चार और चायनीज मांझा विक्रेताओं के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

Raipur City News : पुलिस का कहना है कि टिकरापारा थाना क्षेत्र के पचपेढ़ी नाका इलाके में हुए इस हादसे के बाद अब वे इस घातक उत्पाद के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तेलीबांधा और टिकरापारा पुलिस ने दो-दो प्रकरण दर्ज किए हैं। हालांकि, पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर शिकायतें भी सामने आई हैं, जिसमें आरोप है कि कार्रवाई केवल कुछ इलाकों और विक्रेताओं तक सीमित रही है।

Raipur City News : शपथपत्र से जमानत, गिरफ्तारी के बीच फर्क-
टीकरापारा पुलिस ने जिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की, उनमें मोहम्मद शमशेर और तेजस लोहिया शामिल हैं। मोहम्मद शमशेर को प्रतिबंधित मांझा बेचते हुए पकड़ा गया और उसके कब्जे से एक बड़ी चकरी में लिपटा हुआ मांझा जब्त किया गया। इसके अलावा, तेजस लोहिया और अंकित साहू को भी गिरफ्तार किया गया। वहीं तेलीबांधा पुलिस ने दो अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शपथपत्र लिया और उन्हें जमानत पर छोड़ दिया।

Raipur City News : राजधानी के हर कोने में बिक रहा है चायनीज मांझा-
कई इलाकों में अब भी चायनीज मांझा खुलेआम बिक रहा है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई कुछ ही स्थानों तक सीमित है। विशेष रूप से तेलीबांधा और टिकरापारा में ही कार्रवाई हो रही है, जबकि अन्य इलाकों में इन विक्रेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। राजधानी के कई वाडारों में अब भी प्रतिबंधित नायलोन मांझे की बिक्री जारी है, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है।

Raipur City News : इस घटना ने एक बार फिर इस घातक चायनीज मांझे की बिक्री पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन इस खतरे को लेकर कितनी सख्त कार्रवाई करते हैं और क्या यह खतरनाक मांझा राजधानी में पूरी तरह से बंद हो पाएगा या नहीं।


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