किसानों, छोटे व्यापारियों और सरकारी स्कूलों के लिए आ रहा है AI Ka UPI, बदलेगी आपकी कमाई और पढ़ाई
नई दिल्ली। भारत डिजिटल क्रांति के अगले पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। जिस तरह Unified Payments Interface (UPI) ने आम आदमी के वित्तीय लेन-देन को सरल और तेज़ बनाया, उसी तर्ज पर अब सरकार “AI Ka UPI” मॉडल लॉन्च करने जा रही है। यह पहल AI Mission 2.0 के तहत लाई जा रही है, जिसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रखकर गांव, खेत, छोटे उद्योग और सरकारी स्कूलों तक पहुंचाना है।
AI Ka UPI क्या है?
AI Ka UPI एक साझा प्लेटफॉर्म होगा, जहां सुरक्षित और परखे हुए AI टूल्स का “bouquet of trusted solutions” उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार पहले तकनीकों की सुरक्षा और प्रदर्शन की जांच करेगी, फिर इन्हें सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराएगी। यह प्लेटफॉर्म एक कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर की तरह काम करेगा, जिस पर विभिन्न सेक्टर अपनी जरूरत के अनुसार एप्लिकेशन और समाधान तैयार कर सकेंगे।
किसानों, स्कूलों और छोटे व्यापारियों को लाभ
1. खेती में AI की ताकत किसानों को ऐसे AI मॉडल मिलेंगे जो फसल की पैदावार बढ़ाने, मौसम की जानकारी देने और कीट नियंत्रण में मदद करेंगे। इससे लागत घटेगी और आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।
2. गांव के डॉक्टरों को तकनीकी सहारा ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों को AI आधारित डायग्नोस्टिक टूल्स मिलेंगे, जिससे तेज और सही इलाज संभव होगा।
3. सरकारी स्कूलों में स्मार्ट पढ़ाई शिक्षकों को AI टूल्स के माध्यम से आधुनिक पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे। बच्चों को उनकी क्षमता के अनुसार व्यक्तिगत सीखने का लाभ मिलेगा।
4. MSMEs को नई रफ्तार छोटे और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को AI आधारित एप्लिकेशन मिलेंगे, जो उत्पादन, प्रबंधन और मार्केटिंग में सुधार करेंगे।
भाषा नहीं बनेगी बाधा
भारत का AI मॉडल स्थानीय भाषाओं और बोलियों को प्राथमिकता देगा। वैश्विक AI मॉडल आमतौर पर बड़ी भाषाओं पर केंद्रित रहते हैं, जबकि भारत का “souvereign model” स्थानीय बोलियों को समझने और उपयोग में लाने योग्य होगा। सरकार का दावा है कि इन मॉडलों से केवल दो घंटे में स्थानीय भाषा में प्रोटोटाइप एप्लिकेशन तैयार किए जा सकते हैं। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी AI का लाभ उठा सकेंगे।
कम संसाधनों में विश्वस्तरीय समाधान
भारत का मॉडल “Frugal Innovation” पर आधारित है, यानी कम लागत में बेहतरीन समाधान तैयार करना। जिस तरह UPI मॉडल को जापान जैसे विकसित देशों ने अपनाने में रुचि दिखाई, उसी तरह भारत अपने trusted AI solutions को वैश्विक स्तर पर पेश करने की तैयारी कर रहा है।
टेक्नोलॉजी का लाभ हर घर तक
AI Mission 2.0 के साथ भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं बल्कि वैश्विक समाधान का निर्माता बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुफ्त या ओपन प्लेटफॉर्म के जरिए AI टूल्स उपलब्ध कराकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पांचवीं औद्योगिक क्रांति का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

