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Assam Assembly Elections: असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने छोड़ी पार्टी, कुछ ही दिन पहले मिली थी बड़ी जिम्मेदारी

Assam Assembly Elections: गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।असम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी छोड़ दी है।

Assam Assembly Elections: असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने छोड़ी पार्टी, कुछ ही दिन पहले मिली थी बड़ी जिम्मेदारी
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Assam Assembly Elections: गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।असम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी छोड़ दी है। कांग्रेस पार्टी ने भूपेन बोरा को कुछ दिन पहले ही राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन की बातचीत आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी थी। भूपेन बोरा पिछले साल जून तक असम कांग्रेस के अध्यक्ष थे। उनके बाद गौरव गोगोई यह पद संभाल रहे हैं।

Assam Assembly Elections: भूपेन बोरा ने सोमवार सुबह कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता त्याग दी। उन्होंने कहा, यह मेरे आत्मसम्मान का सवाल है और मैंने पार्टी के काम करने के तरीके को लेकर अपनी चिंताओं के बारे में केंद्रीय नेतृत्व को भी बता दिया है… जब हमारी गाड़ी मजुली गई, अगर पार्टी यह फैसला ही नहीं कर पा रही कि कौन जाएगा और कौन नहीं जाएगा, तो ऐसे में पार्टी का भविष्य क्या होगा? मैंने यह बात भी केंद्रीय नेतृत्व को बता दी है।

Assam Assembly Elections: भूपेन बोरा यहां पिछले शुक्रवार को राज्य के मजुली में हुई कांग्रेस की रैली का जिक्र कर रहे थे। इस रैली में कांग्रेस की अगुवाई गौरव गोगोई ने की। यहां असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबव्रत सैकिया और सांसद रकीबुल हुसैन भी मौजूद थे।

Assam Assembly Elections: 1994 से कांग्रेस के साथ थे भूपेन बोरा

भूपेन बोरा साल 1994 से कांग्रेस पार्टी के साथ थे। वह दो बार राज्य की बिहपुरा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और उन्हें साल 2021 में असम कांंग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें राज्य की कमान विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद दी थी।

Assam Assembly Elections: बता दें, असम में इस समय कांग्रेस की कमान गौरव गोगोई के हाथों में है। लेकिन, पार्टी द्वारा भूपेन बोरा को हाल में ही सहयोगी दलों से गठबंधन बढ़ाने के लिए बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी। भूपेन बोरा के सहयोगी दलों से अच्छे संबंध भी हैं। वे पिछले कुछ वर्षों से उनसे बातचीत करते रहे हैं। हालांकि अब उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।


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