CG News : सीएम साय ने 10,463 स्कूलों के युक्तियुक्तकरण को बताया मील का पत्थर, ड्रॉपआउट दर में कमी और गुणवत्ता में सुधार का दावा
- Rohit banchhor
- 27 May, 2025
बल्कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और शिक्षा व्यवस्था अधिक समावेशी और प्रभावी बनेगी।
CG News : रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य की 10,463 शालाओं के युक्तियुक्तकरण का आदेश जारी किया है, जिसमें 5,849 ई-संवर्ग और 4,614 टी-संवर्ग की शालाएं शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। मुख्यमंत्री साय ने इस निर्णय को शिक्षा क्षेत्र में मील का पत्थर करार देते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम न केवल शिक्षकों के संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और निरंतर शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी और शिक्षा व्यवस्था अधिक समावेशी और प्रभावी बनेगी।
CG News : स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि युक्तियुक्तकरण के तहत एक ही परिसर में संचालित 10,297 विद्यालयों का समायोजन किया गया है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित 133 और शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर के दायरे में स्थित 33 विद्यालयों को भी युक्तियुक्त किया गया है। इस पहल से शिक्षक-विहीन और एकल शिक्षकीय शालाओं में अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी, जिससे शिक्षक-छात्र अनुपात में संतुलन बनेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। परदेशी ने कहा कि यह प्रक्रिया प्रशासनिक समन्वय तक सीमित है और किसी शिक्षक के पद को समाप्त नहीं किया गया है। इससे स्थापना व्यय में कमी आएगी, जिसका उपयोग पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशालाओं, और खेल सुविधाओं जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा।
CG News : मुख्यमंत्री साय ने जोर देकर कहा कि युक्तियुक्तकरण से स्कूलों में पढ़ाई की निरंतरता बनी रहेगी, जिससे छात्रों को बार-बार प्रवेश लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह ड्रॉपआउट दर को कम करने और छात्र ठहराव दर को बेहतर करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि एकीकृत परिसरों में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा उपलब्ध होगी, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति की क्लस्टर विद्यालय अवधारणा के अनुरूप है। इससे स्कूलों में बेहतर अधोसंरचना विकसित करना आसान होगा, और बच्चे अधिक आत्मविश्वास के साथ शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
CG News : यह निर्णय छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त, समावेशी, और भविष्योन्मुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का दावा है कि युक्तियुक्तकरण से न केवल शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत वितरण होगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत और स्थायी शिक्षा प्रणाली का आधार तैयार करेगा।

