Top
Begin typing your search above and press enter to search.

Indian Pakistan Tensions : चेनाब नदी पर सलाल डैम के गेट खोले गए, पाकिस्तान में बाढ़ का खतरा बढ़ा, भारत का सख्त संदेश

अधिकारियों के अनुसार, गेट्स खोलने का कारण जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद बांधों में बढ़ता जल स्तर है।

Indian Pakistan Tensions : चेनाब नदी पर सलाल डैम के गेट खोले गए, पाकिस्तान में बाढ़ का खतरा बढ़ा, भारत का सख्त संदेश
X

Indian Pakistan Tensions : नई दिल्ली। भारत ने चेनाब नदी पर बने सलाल डैम के अधिकतर गेट्स खोल दिए हैं, जिससे पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के रंभन जिले में बगलिहार डैम के कई स्लुइस गेट्स भी खोले गए थे। यह कदम इंडस वॉटर ट्रीटी को निलंबित करने के बाद भारत द्वारा पिछले एक सप्ताह में उठाया गया दूसरा बड़ा कदम है। इन कार्यवाहियों के जरिए भारत ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया है कि वह चेनाब नदी के जल स्तर को अपने हितों के अनुसार सख्ती से नियंत्रित करेगा। अधिकारियों के अनुसार, गेट्स खोलने का कारण जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के बाद बांधों में बढ़ता जल स्तर है।

Indian Pakistan Tensions : बता दें कि पिछले शुक्रवार और शनिवार को सलाल और बगलिहार बांधों में गाद निकालने की प्रक्रिया के दौरान गेट्स बंद किए गए थे, जिससे चेनाब नदी का जल स्तर जम्मू के अखनूर क्षेत्र में कमर से भी नीचे चला गया था। इस कदम ने पाकिस्तान में पानी की कमी की स्थिति पैदा कर दी थी, जिसे भारत ने एक सांकेतिक वॉटर स्ट्राइक के रूप में इस्तेमाल किया। यह कदम अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इंडस वॉटर ट्रीटी को निलंबित करने के भारत के फैसले का हिस्सा था। निलंबन के बाद भारत ने स्पष्ट किया है कि वह सतलुज, ब्यास, रवि के साथ-साथ चेनाब, झेलम और सिंधु नदियों के पानी का उपयोग अपने हितों के लिए करेगा।


Indian Pakistan Tensions : बगलिहार डैम, जो इंडस वॉटर ट्रीटी के तहत एक रन-ऑफ-द-रिवर पनबिजली परियोजना है, में पानी रोकने की सीमित क्षमता है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्व चेयरमैन ऐके बजाज के अनुसार, इस बांध में केवल 3 से 6 दिन तक पानी रोका जा सकता है। फिर भी, भारत ने इस बांध का उपयोग समयबद्ध जल प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए किया है, जिससे पाकिस्तान में खरीफ की फसल के दौरान पानी की आपूर्ति पर असर पड़ा।

Indian Pakistan Tensions : गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 1960 की सिंधु जल संधि एक ऐतिहासिक भूल थी। हमारे देश से बहने वाली नदियों का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया गया। अब हम सिंधु और उसकी सहायक नदियों के पानी का उपयोग पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के किसानों की सिंचाई, बिजली उत्पादन और विकास के लिए करेंगे।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire