ICICI बैंक में फूटा 1.38 करोड़ का घोटाला, गोल्ड लोन में असली की जगह नकली जेवर रखे, ग्राहकों के बनाये जाली हस्ताक्षर, पूर्व ब्रांच मैनेजर फरार
ICICI Bank Scam : बिलासपुर। न्यायधानी के मंगला चौक स्थित ICICI बैंक की शाखा में 1.38 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में बैंक की पूर्व डिप्टी ब्रांच मैनेजर पर अपने पति और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर ग्राहकों के खातों में हेराफेरी करने का आरोप लगा है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने बैंक प्रबंधन की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ICICI Bank Scam : इस तरह घोटाला हुआ उजागर
शाखा प्रबंधक अरूप पाल के अनुसार 17 सितंबर 2025 को रोजाना की बैंकिंग प्रक्रिया के दौरान वित्तीय लेन-देन की जांच की गई। इस दौरान रिपोर्ट का आखिरी पन्ना गायब मिला, जिसे जानबूझकर हटाया गया था। इसके बाद कराए गए ऑडिट में चौंकाने वाले खुलासे हुए। गोल्ड लोन से जुड़े चार पैकेटों में असली सोने की जगह नकली जेवर रखे मिले। जांच में यह भी सामने आया कि 14 अलग-अलग फर्जी ट्रांजैक्शन कर करीब 87.95 लाख रुपये की रकम निकाल ली गई। इसमें ग्राहकों के हस्ताक्षर तक जाली बनाए गए थे। इसके अलावा एक महिला ग्राहक की एफडी की ओवरड्राफ्ट सुविधा का दुरुपयोग कर 28.29 लाख रुपये भी हड़प लिए गए।
ICICI Bank Scam : सुनियोजित तरीके से किया गया फर्जीवाड़ा
बैंक के कई ग्राहकों के एफडी और निवेश से जुड़े वाउचर भी रिकॉर्ड से गायब पाए गए। इससे पता चल रहा है कि गबन बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया। जांच में सामने आया कि अगस्त 2024 से सितंबर 2025 के बीच यह पूरा फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया।
ICICI Bank Scam : महिला अधिकारी का पति भी फर्जीवाड़े में शामिल
आरोप है कि महिला अधिकारी ग्राहकों के घर जाकर बैंकिंग सुविधा देने के नाम पर उनके मोबाइल बैंकिंग तक पहुंच बना लेती थी और वहीं से लेन-देन को अंजाम देती थी। इस पूरे खेल में उसका पति भी शामिल था, जो खुद बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला और उसका पति 22 सितंबर 2025 से ही फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और बैंक के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

