maoists surrender: 27 माओवादियों का आत्मसमर्पण, सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता
maoists surrender: रांची। Jharkhand Maoists Surrender : झारखंड में नक्सलवाद के खात्मे के लिए चलाए जा रहे अभियान को आज एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा की मौजूदगी में प्रतिबंधित संगठन 'भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)' से जुड़े कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया।
maoists surrender: अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े उग्रवादियों ने झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित अन्य इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हथियार डाल दिए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, विभिन्न मामलों में वांछित 27 माओवादियों ने 'ऑपरेशन नवजीवन' के तहत पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
maoists surrender: आत्मसमर्पण करने वाले प्रमुख माओवादियों में गादी मुंडा उर्फ गुलशन, नागेंद्र मुंडा उर्फ प्रभात मुंडा, रेखा मुंडा उर्फ जयंती, सागेन अंगरिया उर्फ डोकोल, सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा और जेजेएमपी सदस्य सचिन बेक शामिल हैं।
maoists surrender: मुख्यधारा में लौटने वाले अन्य लोगों में दर्शन उर्फ बिंज हांसदा, करण तियू उर्फ डांगुर, बसुमति जेराई उर्फ बसु, बैजनाथ मुंडा, रघु कायम उर्फ गुना, किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका और राम दयाल मुंडा शामिल हैं।आत्मसमर्पण करने वाली महिला कैडरों में वंदना उर्फ शांति, सुनीता सरदार, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया और अनिशा कोड़ा उर्फ रानी शामिल हैं।
maoists surrender: 2026 में कुल 22 माओवादी मारे गए, 44 गिरफ्तार किए गए और 29 ने आत्मसमर्पण किया। हम शेष बचे कुछ माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हैं। मिश्रा ने कहा कि राज्य में उग्रवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयास जारी रहेंगे।

