US-Iran Conflict: ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ पर बड़ा खुलासा, ईरान ने उधेड़ दिया था अमेरिका की बखिया, युद्ध में 42 विमान और ड्रोन तबाह होने का दावा
US-Iran Conflict: नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य संघर्ष को लेकर एक नई रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज कर दी है। अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च एजेंसी कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (CRS) की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के दौरान अमेरिका के कम से कम 42 सैन्य विमान या तो नष्ट हो गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए।
किन विमानों को हुआ नुकसान?
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रभावित विमानों में अत्याधुनिक फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और ड्रोन शामिल हैं। इनमें चार F-15E स्ट्राइक ईगल, एक F-35A लाइटनिंग II, एक A-10 थंडरबोल्ट II, सात KC-135 स्ट्रैटोटैंकर, एक E-3 सेंट्री AWACS विमान, दो MC-130J कमांडो II विमान, एक HH-60W जॉली ग्रीन II हेलीकॉप्टर, 24 MQ-9 रीपर ड्रोन और एक MQ-4C ट्राइटन ड्रोन शामिल बताए गए हैं।
अभी बदल सकते हैं आंकड़े
सीआरएस ने साफ किया है कि नुकसान से जुड़े आंकड़े अंतिम नहीं हैं। कई जानकारियां अब भी गोपनीय श्रेणी में हैं और कुछ सैन्य गतिविधियां जारी हैं, इसलिए भविष्य में इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। रिपोर्ट अमेरिकी रक्षा विभाग, सेंट्रल कमांड और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है।
बढ़ी युद्ध की लागत
पेंटागन के कार्यवाहक नियंत्रक जूल्स डब्ल्यू हर्स्ट III ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सुनवाई में बताया कि ईरान अभियान की लागत बढ़कर 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। उनके मुताबिक सैन्य उपकरणों की मरम्मत और रिप्लेसमेंट की वजह से खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है।
ईरान ने किया बड़ा दावा
रिपोर्ट सामने आने के बाद ईरान ने इसे अपनी सैन्य सफलता बताया है। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने दावा किया कि उनकी सेना ने पहली बार F-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान को मार गिराया, जिससे अमेरिका की सैन्य क्षमता पर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

