CG News : पुलिस की भाषा में बड़ा बदलाव, उर्दू-फारसी के 108 कठिन शब्द हटेंगे, अब सरल हिंदी का होगा प्रयोग...
- Rohit banchhor
- 13 Jun, 2025
इस पहल का उद्देश्य पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद को आसान बनाना और विश्वास को मजबूत करना है।
CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस व्यवस्था को आम जनता के लिए अधिक सहज और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पुलिस दस्तावेजों और कार्यवाहियों में प्रयुक्त होने वाले 108 कठिन उर्दू-फारसी शब्दों जैसे ‘खयानत’, ‘तामील’ आदि को हटाकर उनकी जगह सरल और प्रचलित हिंदी शब्दों का उपयोग किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद को आसान बनाना और विश्वास को मजबूत करना है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जब कोई नागरिक थाने में शिकायत दर्ज कराने या अन्य कार्य के लिए जाता है, तो वह अक्सर पुलिस दस्तावेजों, जैसे एफआईआर, में प्रयुक्त जटिल उर्दू-फारसी शब्दों को समझ नहीं पाता। इससे न केवल नागरिकों को अपनी बात रखने में परेशानी होती है, बल्कि वे पुलिस प्रक्रियाओं को भी पूरी तरह समझ नहीं पाते। उन्होंने जोर देकर कहा, “पुलिस का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सहायता और सुरक्षा है। इसलिए, पुलिस की भाषा ऐसी होनी चाहिए जो आम जनता की समझ में आए और उनके विश्वास को बढ़ाए।”
इस बदलाव को लागू करने के लिए पुलिस महानिदेशक ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि पुलिस की कार्यवाहियों में कठिन और पारंपरिक शब्दों को सरल हिंदी शब्दों से बदला जाए। इसके लिए एक विशेष शब्द सूची तैयार की गई है, जिसमें पुराने शब्दों के स्थान पर सरल हिंदी विकल्प सुझाए गए हैं।



