भोपाल के बाजारों में बरसा जमकर धन, बिकी 225 करोड़ रुपए की कारें और दोपहिया वाहन
सराफा बाजार में देखने को मिली लगभग 15 करोड़ की बिक्री, दमका रियल एस्टेट सेक्टर ,175 करोड़ का हुआ कारोबार
खास बातें
-पूरे देश में धनतेरस के दिन हुआ 50 हजार करोड़ का कारोबार
-लगभग 25 टन सोने और 250 टन चांदी की बिक्री देखने को मिली
-सोने-चांदी के अलावा, बर्तन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट को भी मिला बूस्टर
भोपाल। धनतेरस पर पूरे देश में लगभग 50 हजार करोड़ रुपए का कारोबार किया गया। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (एआईजेजीएफ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोरा ने बताया कि इस धनतेरस पर सोने और चांदी की बिक्री में बड़ी वृद्धि देखी गई। धनतेरस को राष्ट्रीय स्तर पर लगभग 25 टन सोने और 250 टन चांदी की बिक्री हुई, जिसका मूल्य क्रमश: 20,000 करोड़ और 2,500 करोड़ रुपये के लगभग है। धनतेरस के अवसर पर भोपाल-इंदौर समेत पूरे प्रदेश में बाजारों में भी जमकर खरीदारी देखने को मिली। भोपाल में 225 करोड़ रुपए से अधिक की कार और दोपहिया वाहन खरीदे गए। इसके अलावा, सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, वाहन, रसोई का सामान, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, और व्यापारिक उपकरणों के शोरूम्स में भी जमकर खरीदारी देखने को मिली। इसके साथ ही धनतेरस के दिन रियल एस्टेट सेक्टर में 175 करोड़़ रुपए का कारोबार देखने को मिला।


धनतेरस को लेकर पिछले कई दिनों से उपभोक्ताओं में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिल रहा था। धनतेरस पर ही वाहन उठाएं, इसके लिए बहुत सारे लोगों ने कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग कर दी थी। स्थानीय डीलर्स के अनुसार भोपाल में मंगलवार को करीब 2500 कारों की बिक्री देखने को मिली। कारों को लेकर स्थानीय उपभोक्ताओं की दिलचस्पी तेजी से बदल रही है। छोटी कारों की ओर से लोगों का मन उचट गया दिखता है, जबकि प्रीमियम कारें उनकी पहली प्राथमिकता बन गई है। फेडरेशन ऑफ़ ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन एमपी के चेयरपर्सन आशीष पांडे ने कहा की धनतेरस के अवसर पर ग्राहकों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला।
खुशी के माहौल में लोग अपने परिवारों के साथ शुभ मुहूर्त में बाजार पहुंचे और जमकर खरीदारी की। धनतेरस पर बड़ी संख्या में लोग हमेशा से बाइक्स की खरीदते रहे हैं। इस बार बड़ी संख्या में लोगों ने धनतेरस के दिन बाइक्स खरीदने के लिए काफी पहले से पैसे जमा कर दिए थे। वे आज परिवार के साथ उत्साह के साथ बाइक खरीदने के लिए बाजार पहुंचे। स्थानीय डीलर्स से एकत्र आंकड़ों के अनुसार भोपाल में मंगलवार को करीब 2500 बाइक्स की बिक्री देखने को मिली। खरीदार इतने थे कि डीलर्स के लिए उन्हें वाहन उपलब्ध करा पाना मुश्किल हो गया। इस वजह से बाइक्स खरीदने के लिए बाजार पहुंचे बहुत सारे लोगों को निराश होकर बिना बाइक के ही घर लौटना पड़ा।
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सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, वाहन, रसोई का सामान, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, और व्यापारिक उपकरणों के शोरूम्स में भी जमकर खरीदारी देखने को मिली। पिछले कुछ समय से लोग धनतेरस के लिए रियलिटी में भी निवेश करना पसंद कर रहे हैं। धनतेरस के दिन रियल एस्टेट सेक्टर में 175 करोड़़ रुपए का कारोबार देखने को मिला। भोपाल में मंगलवार को 327 रजिस्ट्री हुई। इससे 7 करोड़़ रुपए का रेवेन्यू मिला। प्रदेश में इस बार, स्टील के बजाए तांबे और पीतल के बर्तन और मूर्तियां खरीदने में लोगों ने विशेष दिलचस्पी दिखाई। सोने-चांदी के गहरों के साथ-साथ फैंसी ज्वेलरी की मांग में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। भले ही सोने के दाम आसमान छू रहे हैं, फिर भी लोगों ने रिकॉर्डतोड़ खरीदारी की।
पिछले तीन दिनों से शहर के बाजार गुलजार हैं, लेकिन ज्वैलरी शोरूम्स पर मंगलवार को ग्राहकों की जबर्दस्त भीड़ उमड़ पड़ी और उसने जबर्दस्त खरीदारी की। प्रमुख बुलियन व्यापारी और सराफा महासंघ भोपाल के महामंत्री नवनीत कुमार अग्रवाल ने बताया धनतेरस पर जमकर खरीदारी देखने को मिली है। उन्होंने कहा धनतेरस और दीपावली के दौरान सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस लिए मंगलवार को सोने की बढ़ी कीमतों के बावजूद लोग बड़ी संख्या में परिवार के साथ बाजार पहुंचे और जमकर खरीदारी की। उन्होंने बताया धनतेरस के दिन स्थानीय बाजार में लोगों ने 15 किलो सोना और 100 किलोग्राम चांदी की खरीद की गई, जिसकी कीमत लगभग 15 करोड़ रुपए बैठती है। बताया जाता है कि इस बार सोने और चांदी में पिछले साल की तुलना में 30 फीसदी अधिक खरीदारी देखने को मिली।


दूसरी और शुभ मुहूर्त में लोग बुलियन मार्केट में खरीदारी करने जा पहुंचे और जमकर सोने-चांदी के गहने, सिक्के और आभूषण खरीदे। धनतेरस की वजह से स्थानीय ज्वैलरी शोरूम की सजावट देखने लायक थी। महिलाओं ने मंगलसूत्र, चूडिय़ां और बालियां जैसे पारंपरिक गहनों को खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई जबकि पुरुषों ने निवेश के लिहाज से सोने और चांदी की खरीदारी की। भारतीय संस्कृति में सोने और चांदी का विशेष महत्व है। इसके साथ ही, कई लोगों ने सोने और चांदी के सिक्कों की भी खरीद की।
बुलियन व्यापारियों ने इस त्योहारी सीजन की मांग को पूरा करने के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। उन्होंने हर वर्ग के लोगों की पसंद के अनुसार सोने और चांदी के विभिन्न प्रकार के आभूषणों का स्टॉक पहले से कर रखा था। कारोबार के दौरान, ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई बुलियन स्टोर्स ने विशेष ऑफर्स की भी पेशकश की। कुछ ज्वैलरी शो रूम्स ने एक निश्चित मूल्य की खरीदारी पर निश्चित उपहार की गारंटी भी दी है।

