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अमेरिका में राहुल: सिर्फ कमियां नहीं.. लोकतंत्र की ताकत भी दिखाएं

राहुल गांधी का विदेश दौरा हमेशा विवादों में रहा है, और इस बार भी ऐसा ही हुआ। अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के साथ बातचीत में उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।

अमेरिका में राहुल: सिर्फ कमियां नहीं.. लोकतंत्र की ताकत भी दिखाएं
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डॉ. शिशिर उपाध्याय

समूह संपादक , एशियन न्यूज भारत

राहुल गांधी का विदेश दौरा हमेशा विवादों में रहा है, और इस बार भी ऐसा ही हुआ। अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के साथ बातचीत में उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। राहुल ने कहा कि देश की चुनाव प्रणाली में खामियां हैं और चुनाव आयोग ने निष्पक्षता से समझौता किया है।

उनके इस बयान ने भारत में फिर से विवाद खड़ा कर दिया है, और बीजेपी इसे “देश को बदनाम करने” का मौका बता कर कांग्रेस को घेर रही है। लोकतंत्र में चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाना गलत नहीं है। राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में वोटिंग के आंकड़ों में कथित गड़बड़ी की बात कही, जो एक गंभीर आरोप है। अगर उनके दावों में सच्चाई है, तो यह लोकतंत्र के लिए चिंता की बात है।

पिछली बार सितंबर 2024 में राहुल टेक्सास और वाशिंगटन यूनिवर्सिटी गए थे। तब उन्होंने जाति जनगणना और आरक्षण की बात की थी, लेकिन उनके बयान से भारत में हंगामा मच गया। इस बार उनके "चुनाव आयोग ने निष्पक्षता से समझौता किया है..." वाले बयान से एक नए विवाद को हवा मिल गई है।

कांग्रेस के लिए यह स्थिति मुश्किल इसलिए भी है क्योंकि, पार्टी पहले से ही आंतरिक और बाहरी चुनौतियों से जूझ रही है। कर्नाटक में जाति सर्वे जैसे मुद्दों पर पार्टी में एकराय नहीं है।

ऐसे में विदेशी मंच पर बोलते समय यह जरूरी है कि वो भारत की राजनीतिक हालात और सामाजिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखें। साथ ही, कांग्रेस पार्टी को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि राहुल के बयान वैश्विक मंच पर भारत के लोकतंत्र की ताकत को दिखाएं, न कि सिर्फ कमियां गिनाएं।


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