Bihar News: ‘सुशासन बाबू’ का नया सियासी अध्याय, सीएम पद छोड़ राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार, 9 बार रह चुके है मुख्यमंत्री
Bihar News: पटना। बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। लंबे समय तक राज्य की सियासत के केंद्र में रहे नितीश कुस्मार (Nitish Kumar) ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। माना जा रहा है कि राज्यसभा जाने के साथ ही वे मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं, जिससे बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने तय हैं।
Bihar News: तेजस्वी यादव का बीजेपी पर हमला
इस घटनाक्रम के बाद बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी बिहार में “महाराष्ट्र मॉडल” लागू करने की कोशिश कर रही है। तेजस्वी ने कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि नीतीश कुमार ज्यादा समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। उनके अनुसार भाजपा ऐसे मुख्यमंत्री चाहती है जो केवल “रबर स्टैंप” की तरह काम करे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में रहती तो ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिलती। साथ ही उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति भी जताई।
Bihar News: नीतीश के राज्यसभा जाने से सियासत में हलचल
होली के बीच यह लगभग तय माना जा रहा है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके दिल्ली जाने से बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव आएगा। नीतीश समर्थकों के लिए यह फैसला बेहद भावनात्मक माना जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि उन्हें राज्यसभा भेजना दरअसल मुख्यमंत्री पद से हटाने जैसा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि इससे उसकी राह आसान हो जाएगी, क्योंकि नीतीश समर्थकों की प्रतिक्रिया भविष्य में अहम भूमिका निभा सकती है।
Bihar News: अचानक सामने आया नाम
राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के समय तक नीतीश कुमार के नाम की चर्चा तक नहीं थी। नामांकन की अंतिम तारीख से ठीक पहले अचानक उनका नाम सामने आना कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाना किसी भी बड़े नेता के लिए असामान्य कदम माना जाता है। बिहार में अब तक ऐसा उदाहरण नहीं मिला जब कोई मौजूदा मुख्यमंत्री सीधे राज्यसभा का रास्ता चुनता हो।
Bihar News: मुख्यमंत्री से सांसद: डिमोशन की बहस
कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़कर केवल सांसद बनते हैं तो इसे उनके कद के हिसाब से “डिमोशन” के रूप में भी देखा जा सकता है। हालांकि भाजपा नेताओं ने इस फैसले के पीछे अपनी भूमिका से इनकार किया है। वहीं यह भी चर्चा है कि उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं के कारण यह फैसला लिया गया, लेकिन विरोधियों का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक नैरेटिव है।
Bihar News: मार्च से मार्च तक का सफर
नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के रूप में सफर भी बेहद दिलचस्प रहा है। वे पहली बार 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री बने, लेकिन बहुमत की कमी के कारण केवल सात दिन बाद ही इस्तीफा देना पड़ा। 2005 में उन्होंने प्रचंड बहुमत के साथ वापसी की और कानून-व्यवस्था व विकास कार्यों के कारण “सुशासन बाबू” की छवि बनाई। बाद के वर्षों में उन्होंने कई बार गठबंधन बदले और कुल 9 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक रिकॉर्ड कायम किया।
Bihar News: एक युग का अंत
नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति का सबसे प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। 2025 के विधानसभा चुनाव में भी उनके नेतृत्व में एनडीए को बड़ी जीत मिली थी। अब उनके राज्यसभा जाने के फैसले के साथ बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत होने जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य में उनका उत्तराधिकारी कौन बनता है और नए राजनीतिक समीकरण कैसे आकार लेते हैं।

