Baba Mahakaal Not Affected By Lunar Eclipse: उज्जैन के राजा बाबा महाकालेश्वर पर नहीं होता ग्रहण का असर, खुले रहते हैं कपाट, जानें क्या है मान्यताएं
Baba Mahakaal Not Affected By Lunar Eclipse: उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में फाल्गुन पूर्णिमा पर लग रहे साल के पहले चंद्रग्रहण के बावजूद दर्शन-पूजन की परंपरा पूर्ववत जारी रही। जहां देश के अधिकांश मंदिरों में ग्रहण के दौरान सूतक लगने से पट बंद कर दिए जाते हैं, वहीं महाकाल मंदिर में विशेष मान्यता के चलते भक्तों को निरंतर दर्शन की सुविधा दी गई।
Baba Mahakaal Not Affected By Lunar Eclipse: मंदिर प्रशासन के अनुसार, तड़के चार बजे नियमित रूप से पट खोले गए और प्रतिदिन की तरह भस्म आरती संपन्न हुई। हालांकि ग्रहण काल के कारण सामान्य श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और वे दूर से ही बाबा के दर्शन करते रहे। पुजारियों द्वारा भी गर्भगृह में सीमित प्रवेश रखा गया। ग्रहण समाप्ति के बाद विधि-विधान से शुद्धिकरण कर जलाभिषेक और अन्य अनुष्ठान किए जाएंगे।
Baba Mahakaal Not Affected By Lunar Eclipse: महाकाल पर ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव निष्प्रभावी* मान्यता है कि स्वयंभू दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग होने और ‘कालों के काल’ महाकाल स्वरूप के कारण यहां ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव निष्प्रभावी माना जाता है। इसी परंपरा के चलते चंद्रग्रहण में भी आरती और पूजा क्रम बाधित नहीं होता।
Baba Mahakaal Not Affected By Lunar Eclipse: ग्रहण का वेधकाल सूर्योदय से प्रभावी रहा, जिसके चलते सुबह की भोग आरती में केवल शक्कर का नैवेद्य अर्पित किया गया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम और नियमों के पालन की अपील की।
Baba Mahakaal Not Affected By Lunar Eclipse: इसके साथ ही चार मार्च से चैत्र कृष्ण प्रतिपदा प्रारंभ होने पर मंदिर में ग्रीष्मकालीन समय-सारणी लागू की जाएगी। बदलते मौसम के अनुरूप बाबा महाकाल का अभिषेक शीतल जल से किया जाएगा और दैनिक पांच आरतियों में से तीन के समय में परिवर्तन होगा। यह व्यवस्था शरद पूर्णिमा तक प्रभावी रहेगी।

