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हत्याकांड के आरोपी ने जेल में लगाई फांसी, प्रहरी निलंबित, ज्यूडिशियल जांच के आदेश...

पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जयारोग्य अस्पताल भेज दिया है, और इस मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए गए हैं।

हत्याकांड के आरोपी ने जेल में लगाई फांसी, प्रहरी निलंबित, ज्यूडिशियल जांच के आदेश...
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MP Crime : ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बहुचर्चित चिराग शिवहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी शिवम जादौन ने जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शिवम अपने भाई और पिता के साथ इस हत्याकांड में विचाराधीन कैदी के रूप में ग्वालियर जेल में बंद था। इस घटना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है और ड्यूटी पर तैनात प्रहरी को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जयारोग्य अस्पताल भेज दिया है, और इस मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए गए हैं।

MP Crime : पुलिस के अनुसार, बीती रात शिवम जादौन ने बंद पड़ी डबल स्टोरी बैरक के पीछे अपनी हेडस्कार्फ को फाड़कर फंदा बनाया और आखंड क्षेत्र में फांसी लगा ली। सुबह जब वह अपनी बैरक में नहीं मिला, तो जेल प्रशासन ने उसकी तलाश शुरू की। तलाशी के दौरान शिवम का शव फांसी पर लटका हुआ पाया गया। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

MP Crime : चिराग शिवहरे, डबरा का निवासी, जुलाई 2023 में जिंदा जलाकर मार दिया गया था। उसका जला हुआ शव ग्वालियर कलेक्ट्रेट के सामने वाले जंगल में मिला था। इस सनसनीखेज हत्याकांड में शिवम जादौन, उसके भाई, पिता, और एक युवती को आरोपी बनाया गया था। युवती को पहले ही जमानत मिल चुकी है, लेकिन दो दिन पहले शिवम की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी थी।

MP Crime : जांच में पता चला है कि शिवम का अपने भाई के साथ चिराग शिवहरे की हत्या को लेकर विवाद था। वह इस हत्याकांड को लेकर अपने भाई से नाराज था और अपराधबोध से ग्रस्त था। पुलिस का अनुमान है कि जमानत खारिज होने और अपराधबोध के कारण उत्पन्न अवसाद ने उसे आत्महत्या के लिए प्रेरित किया हो सकता है।

MP Crime : शिवम की आत्महत्या ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठाए हैं। जेल अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात प्रहरी को निलंबित कर दिया है। इस मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि जेल में ऐसी घटना कैसे हुई और सुरक्षा में कहां चूक हुई।


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