Begin typing your search above and press enter to search.
भोपाल एयरपोर्ट के लिए सरकार ने तैयार किया मास्टर प्लान, 2047 तक तीन चरणों में होगा काम पूरा
चरण 2- में हवाई अड्डे के लेआउट और बुनियादी ढांचे में अधिक महत्वपूर्ण बदलाव शामिल होंगे।

भोपाल। भविष्य के विस्तार और विकास को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से इंडियन एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भोपाल एयरपोर्ट के मास्टर प्लान 2047 को अंतिम रूप दे दिया है। इसे तीन चरणों- चरण 1, चरण 2 और चरण 3 में लागू किया जाएगा। हवाई अड्डे की अंतिम क्षमता प्राप्त करने के लिए, रनवे को 4000 मीटर की लंबाई तक बढ़ाया जाएगौ। विस्तार के लिए लगभग 65 एकड़ अतिरिक्त भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसकी प्राधिकरण ने मंजूरी ले ली है। एयरपोर्ट से मिली जानकारी अनुसार भविष्य में भोपाल एयरपोर्ट पर हवाई यातायात में अनुमानित वृद्धि को देखते हुए मास्टर प्लान को बनाया गया है। ’भोपाल हवाई अड्डे की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मास्टर प्लान को सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है। इसमें यात्री और माल यातायात में अपेक्षित वृद्धि के साथ-साथ बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
तीन चरणों में पूरा होगा काम
चरण प्रथम-हवाई अड्डे की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए मौजूदा बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें टर्मिनल बिल्डिंग का विस्तार, नए पार्किंग क्षेत्रों का निर्माण और एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम का अपग्रेडेशन शामिल हो सकता है। ये सुधार परिचालन को सुव्यवस्थित करने और यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव प्रदान करने में मदद करेंगे।
चरण 2- में हवाई अड्डे के लेआउट और बुनियादी ढांचे में अधिक महत्वपूर्ण बदलाव शामिल होंगे। इसमें विमानों की बढ़ती संया को समायोजित करने के लिए नए टैक्सीवे, एप्रन और हैंगर का निर्माण शामिल हो सकता है। बढ़ते यात्री यातायात को संभालने के लिए टर्मिनल बिल्डिंग का और विस्तार भी किया जा सकता है। ये विकास भोपाल हवाई अड्डे को क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे। अंतिम चरण तक 2047 तक पहुंचना है, जिसमें हवाई अड्डे को अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचते हुए देखा जाएगा। रनवे का 4000 मीटर तक विस्तार इस चरण का एक महत्वपूर्ण घटक है।
Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019


