Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर
चुनाव पूर्व झारखंड में पूर्व मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा, भाजपा समेत सत्तारूढ़ दल के लिए होगी चुनौती
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया, "मैं राजनीति से संन्यास नहीं लूंगा। मेरे पास तीन विकल्प थे

रांची: झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता चंपई सोरेन ने अपने हालिया ट्वीट से राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिससे कई लोग उनके अगले कदम के बारे में अटकलें लगा रहे हैं। चंपई सोरेन ने अब एक नई घोषणा की है: वह राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे और नई पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने संभावित गठबंधनों के लिए भी दरवाजे खुले रखे हैं। सोरेन ने कहा, "मैंने तीन विकल्प बताए थे- सेवानिवृत्ति, संगठन या दोस्त। मैं सेवानिवृत्त नहीं होऊंगा। मैं पार्टी को मजबूत करूंगा और नई पार्टी बनाऊंगा।"
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया, "मैं राजनीति से संन्यास नहीं लूंगा। मेरे पास तीन विकल्प थे: सेवानिवृत्ति, संगठन या दोस्त। मैंने पार्टी बनाने और एक नई शुरुआत करने का विकल्प चुना, और अगर मुझे रास्ते में कोई अच्छा सहयोगी मिला, तो मैं उनके साथ आगे बढ़ूंगा।"
चंपई सोरेन ने राजनीति में सक्रियता दिखाते हुए दिल्ली से लौटने के बाद नया संगठन बनाने की मंशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। कल देर रात से ही सरायकेला स्थित उनके आवास पर समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है।
दिल्ली से लौटने के बाद सोरेन ने साफ कर दिया कि वे जल्द ही अपनी भावी योजनाओं का खुलासा करेंगे। आज सुबह ही उनके आवास पर बड़ी संख्या में समर्थक एकत्र हुए। समर्थकों से चर्चा के बाद सोरेन उनसे मिलने के लिए विभिन्न स्थानों पर जा रहे हैं। उन्होंने निजी तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें जिस तरह का अपमान सहना पड़ा है, उसका वर्णन नहीं किया जा सकता।
दूसरी ओर, कहा जा रहा है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर भाजपा फिलहाल "प्रतीक्षा और निगरानी" की स्थिति में है। सोरेन द्वारा हाल ही में नया संगठन बनाने या नए सहयोगियों के साथ गठबंधन करने की घोषणा ने भाजपा नेताओं का ध्यान खींचा है, जो दोनों ही स्थितियों में अपनी पार्टी के लिए संभावित लाभ देख रहे हैं।
मंगलवार को पार्टी की कोर कमेटी ने चंपई सोरेन से जुड़े हालात पर चर्चा की। बैठक में चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान और सह प्रभारी हेमंत बिस्वा सरमा जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए और इस मुद्दे पर रणनीति बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भाजपा झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के आधिकारिक रुख और राज्य सरकार द्वारा सोरेन के खिलाफ उठाए जाने वाले किसी भी संभावित कदम पर भी कड़ी नजर रख रही है। 29 अगस्त को होने वाली कैबिनेट बैठक के मद्देनजर भाजपा सभी संबंधित गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेगी।
Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019


