जयश्री गायत्री फूड पर EOW के बाद अब ईडी का शिकंजा, एक साथ तीन शहरों में कार्रवाई
भोपाल। देश की मशहूर फूड फैक्ट्री जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। ईओडब्ल्यू और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के बाद अब ईडी ने भी फैक्ट्री पर एक साथ तीन शहरों में छापामार कार्रवाई की है। भोपाल में अरेरा कॉलोनी सहित मुरैना और सीहोर में भी कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है मुरैना में टीम को ताले तोड़ कर भीतर घुसना पड़ा। इस कार्रवाई को मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ कर देखा जा रहा है। यहां ध्यान देने लायक बात यह है कि इस कंपनी पर पहले इनकम टैक्स और ईओडब्ल्यू भी रेड कर चुकी हैं। ईडी के अधिकारियों की टीम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के साथ सुबह करीब साढ़े सात बजे भोपाल में वंदे मातरम चौराहा स्थित जेजीएफ हाउस पर छापा मारा।
दो निजी टैक्सी में सवार होकर टीम पहुंची थी। अभी भी ईडी के अफसर जांच में जुटे हुए है। इस दौरान चुनिंदा लोगों को ही अंदर जाने दिया गया। सूत्रों के मुताबिक परिवर्तन निदेशालय को जांच में सामने आया है कि फर्जी बिलिंग और दस्तावेजों से विदेश में दूध उत्पादन की सप्लाई हो रही थी। 27 देश में मिल्क प्रोडक्ट सप्लाई किया जा रहे थे। साथ ही मिल्क प्रोडक्ट में पशु चर्बी मिलने का भी खुलासा हुआ है। जांच के दौरान टीम को लैब के फर्जी सर्टिफिकेट लगाने का भी इनपुट मिला है। फिलहाल जांच पड़ताल जारी है। जानकारी के अनुसार जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्रा लि करीब 20 देशों को दूध से बने उत्पाद निर्यात करती है। इसे लेकर शिकायत की गई थी कि सब स्टैंडर्ड उत्पाद बनाए और बेचे जा रहे हैं। इसमें आरोप लगाया गया था कि उत्पाद बनाने में प्रतिबंधित केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है।
झूठी लैब रिपोर्ट की मदद से प्रोडक्ट एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं। इस पर ईओडब्ल्यू ने पिछले साल जुलाई में पांच ठिकानों पर छापा मारा था। एजेंसी के अफसरों ने पाया था कि कंपनी ने लैब्स की फर्जी रिपोर्ट बनवाई हैं। इसके आधार पर ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला भी दर्ज किया था। वही आज ईडी ने सीहोर के ग्राम पिपलिया मीरा स्थित जय श्री गायत्री पनीर फैक्ट्री पर भी छापा मारा। वहां सवा दस बजे से पड़ताल शुरू की गई। फैक्ट्री प्रबंधक का घर सीहोर के जंगली अहाता क्षेत्र में स्थित पारस विहार फेज टू में भी है। यहां पर भी सीआरपीएफ और ईडी की टीम सर्चिग के लिए पहुंची है। जानकारी के मुताबिक इस कारखाने को प्रदूषण से निपटने के उचित इंतजाम न होने की वजह से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले साल बंद करा दिया था।

