संसद की घटना पर एमपी विधानसभा में हंगामा, कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने यह निर्णय लिया, जब सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीव्र हंगामा हुआ। दोनों पक्षों के सदस्य आसंदी के पास पहुंचकर नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इस सत्र के अंतिम दिन 28 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किए गए थे, जिनमें लाडली बहना योजना, परिवहन, स्कूल शिक्षा, जल जीवन मिशन जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी थी। लेकिन हंगामे के कारण यह चर्चा नहीं हो पाई।
सदन के दौरान बीजेपी विधायक सीतासरन शर्मा ने राहुल गांधी पर संसद में धक्का-मुक्की का आरोप लगाया था, जिस पर कांग्रेस ने विरोध किया और कहा कि राहुल गांधी का नाम लेकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है। वहीं, बीजेपी ने अंबेडकर जी के अपमान पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए। इस मुद्दे पर कांग्रेस के विधायकों ने नीले गमछे लहराए और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी संविधान निर्माता अंबेडकर जी का अपमान कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह से माफी की मांग की।
इसके अलावा, कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने सरकारी हॉस्टल में छात्रों की मौत का मामला उठाया और आरोप लगाया कि अधिकारी गलत जवाब दे रहे हैं। पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी ने जल जीवन मिशन की गुणवत्ता पर सवाल उठाया और कार्रवाई की मांग की। बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव ने भी जल जीवन मिशन के ऑडिट की बात कही और कहा कि योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए। वहीं, कांग्रेस विधायक सचिन यादव ने उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण और जल स्रोतों के प्रदूषण को लेकर चिंता जताई। कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रहे इन मुद्दों के कारण शीतकालीन सत्र में महत्वपूर्ण चर्चा नहीं हो पाई, और अंततः विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

