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सतना में अविश्वास प्रस्ताव से पहले कांग्रेस की दो पार्षद बीजेपी में शामिल

भोपाल। सतना नगर निगम अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी के खिलाफ कांग्रेस पार्षदों द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर हो गया है। दो दिन से भाजपा की तीन महिला पार्षद लापता हैं। उनमें से दो पार्षदों ने आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इसे सियासत में हार्स ट्रेडिंग के तौर पर देखा जा रहा है। मामला सामने आने के बाद सतना से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने थाने के बाहर धरना दिया, जबकि एक लापता पार्षद के बेटे ने थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई है।
इस सियासी उठापटक की शुरुआत तब हुई, जब कांग्रेस के पार्षदों ने 9 सितंबर 2024 को कलेक्टर अनुराग वर्मा को निगम की अध्यक्ष राजेश चतुर्वेदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर के सामने 13 और 14 सितंबर को कांग्रेस पार्षदों कीपरेड होनी थी। इसी बीच कांग्रेस की तीन महिला पार्षद रहस्यमय तरीके से लापता हो गईं। माना गया कि इसके पीछे भाजपा की हार्ष ट्रेडिंग की चाल है। पार्षदों के लापता होने के बाद कांग्रेस विधायक कुशवाहा थाने पहुंच गए और उन्होंने धरना शुरू कर दिया। इस मामले में नया मोड़ आज
तब आया, जब तीन महिला पार्षदों में से भाजपा में शामिल हो गई हैं। इनमें माया कोल और अर्चना अनिल गुप्ता शामिल हैं। दोनों को सतना महापौर योगश ताम्रकार लेकर प्रदेश भाजपा दफ्तर पहुंचे थे। पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने दोनों महिला नेत्रियों को पार्टी की सदस्यता दिलाई है। कांग्रेस पार्षद सुनीता चौधरी अभी लापता हैं। माया कोल के बेटे ने सतना में थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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