New Delhi : 26/11 आतंकी हमले का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान मक्की की मौत, भारत के दुश्मन का हुआ अंत...
New Delhi : नई दिल्ली। मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंडों में से एक और पाकिस्तान के कुख्यात आतंकी अब्दुल रहमान मक्की का निधन हो गया है। शुक्रवार को उसे दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। मक्की, जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद का करीबी रिश्तेदार था और उसका बहनोई भी था। जमात-उद-दावा ने मक्की की मौत की पुष्टि करते हुए एक बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि वह लंबे समय से बीमार था और उसकी डायबिटीज बढ़ गई थी। उसे इलाज के लिए लाहौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार सुबह दिल का दौरा आने से उसकी मौत हो गई।
New Delhi : आतंकी गतिविधियों का सरगना-
मक्की को पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों का मास्टरमाइंड माना जाता था। वह जमात-उद-दावा का डिप्टी चीफ था और पूरे संगठन की गतिविधियों का संचालन करता था। हालांकि, मक्की ने खुद को हमेशा लो प्रोफाइल रखा, जबकि उसके संगठन की गतिविधियों में हाफिज सईद का चेहरा प्रमुख था। मक्की पर कई आतंकवादी हमलों का आरोप था, जिनमें 2000 में लाल किले पर हमला, रामपुर आतंकी हमला, श्रीनगर में 2018 का हमला और बारामूला में 2018 में हुए हमले शामिल हैं।
New Delhi : भारत और अंतरराष्ट्रीय दबाव-
भारत ने मक्की के खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग की थी और उसे पाकिस्तान से सौंपे जाने की भी अपील की थी। संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2023 में मक्की को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया था और उस पर ट्रैवल बैन और संपत्तियों को जब्त करने का आदेश जारी किया था। पाकिस्तान की ऐंटी टेररिज्म कोर्ट ने 2020 में मक्की को टेरर फाइनेंसिंग के आरोप में छह महीने की सजा दी थी, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान ने उसे खुला समर्थन देना जारी रखा।
New Delhi : भारत के लिए बड़ी जीत-
अब्दुल रहमान मक्की की मौत भारत के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है, क्योंकि वह पाकिस्तान में आतंकवाद फैलाने और आतंकी संगठनों के लिए धन जुटाने में सक्रिय था। इस घटना के बाद पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ेगा।

