छत्तीसगढ़ का बजट: महतारी वंदन योजना के लिए 5 हजार 500 करोड़ का प्रावधान, युवाओं और समाज के लिए भी बड़े कदम - ओपी चौधरी
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के विकास और सामाजिक उत्थान के लिए एक मजबूत योजना पेश की है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने घोषणा की कि महतारी वंदन योजना के लिए इस बार 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि पहले के 3,000 करोड़ रुपये के बजट से कहीं अधिक है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके साथ ही, लखपति दीदी योजना के तहत अगले तीन वर्षों में 8 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य, शिक्षा और युवाओं पर फोकस
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 100 एकड़ में एक भव्य मेडिसिटी का निर्माण प्रस्तावित है। वहीं, तकनीकी उन्नति के लिए कमांड सेंटर को अपग्रेड करने हेतु 40 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए नया रायपुर में युवा सेवा के लिए 10 करोड़ रुपये, साइंस सिटी की स्थापना के लिए 37 करोड़ रुपये और नई लाइब्रेरी के निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये कदम शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेंगे।
महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष ध्यान
महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 7 वर्किंग वूमेन हॉस्टल के लिए 79 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके अलावा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को बढ़ावा देने के लिए 5 करोड़ रुपये और सखी सेंटर के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बच्चों के पोषण और देखभाल के लिए नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु 42 करोड़ रुपये का प्रावधान भी शामिल है।
समाज के हर वर्ग के लिए समावेशी विकास
दिव्यांगजनों के लिए माना कैंप, रायपुर में एक विशेष स्कूल के भवन निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। नशे से मुक्ति के लिए भारत माता वाहिनी के तहत नशा मुक्ति केंद्रों के संचालन हेतु 10 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही, थर्ड जेंडर समुदाय के लिए सामान्य आधारभूत अवसर सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है।
नई दिशा की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास भी करेगा। ओपी चौधरी ने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ समृद्धि और समानता का प्रतीक बने।" इन योजनाओं के जरिए राज्य सरकार ने महिलाओं, युवाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के लिए एक सुनहरे भविष्य की नींव रखी है।

