Farmers Protest: केंद्र के फैसलों के खिलाफ राज्यों और विपक्ष को एक साथ लाने की तैयारी, संयुक्त किसान मोर्चा ने बनाया ये प्लान
Farmers Protest: नई दिल्ली: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने गुरुवार को दो देशव्यापी अभियानों की घोषणा करते हुए राज्य सरकारों पर प्रस्तावित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ प्रस्ताव पारित कराने का दबाव बनाने का निर्णय लिया है। संगठन ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पद से हटाने और जीएसटी कानून में संशोधन कर राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता बहाल करने की भी मांग की है।
Farmers Protest: एसकेएम के अनुसार, उसकी राज्य और राष्ट्रीय समितियों के प्रतिनिधिमंडल विभिन्न राज्यों में मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में विशेष विधानसभा सत्र बुलाकर किसान मुद्दों पर प्रस्ताव पारित कराने की मांग रखी जाएगी।
Farmers Protest: किसान संगठन ने राज्य सरकारों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार से अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह करें। एसकेएम ने इस समझौते को ‘राष्ट्र-विरोधी’ बताते हुए आरोप लगाया कि इससे किसानों के हित प्रभावित होंगे। साथ ही, केंद्र द्वारा राज्यों को गेहूं और धान पर बोनस समाप्त करने संबंधी पत्र वापस लेने की मांग भी की गई है।
Farmers Protest: इसके अतिरिक्त, एसकेएम ने श्रम कानूनों को निरस्त करने, वीबीजीआरएएमजी अधिनियम को खत्म करने और ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून को पुनर्स्थापित करने की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि संविधान के अनुसार कृषि राज्य का विषय है, इसलिए राज्यों को सभी फसलों पर लागत (C2) के आधार पर 50 प्रतिशत लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देनी चाहिए। साथ ही किसानों की कर्ज समस्या और आत्महत्याओं से निपटने के लिए व्यापक ऋण माफी योजना लागू करने की भी मांग की गई है।

