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Delhi Classroom Scam: दिल्ली क्लासरूम घोटाले मामले में ED की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 37 ठिकानों पर छापा
Delhi Classroom Scam: नई दिल्ली: दिल्ली की पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल में कथित क्लासरूम निर्माण घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर में 37 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दर्ज मामले की जांच के तहत की गई है। ईडी ने दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की शिकायत के आधार पर पीएमएलए के अंतर्गत आपराधिक मामला दर्ज किया था, जिसमें AAP के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मनीष सिसोदिया व सत्येंद्र जैन को आरोपी बनाया गया है।
2000 करोड़ के घोटाले की जांच
FIR में आरोप लगाया गया है कि दिल्ली सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में 12,000 से अधिक कक्षाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं हुईं। मनीष सिसोदिया ने बतौर शिक्षा मंत्री 193 स्कूलों में 2400 से अधिक कक्षाएं बनवाने की योजना चलाई थी, जिसकी जिम्मेदारी PWD को सौंपी गई थी।
सीवीसी की रिपोर्ट में उजागर हुए गंभीर घोटाले
केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) ने 17 फरवरी 2020 को जारी अपनी रिपोर्ट में इस प्रोजेक्ट में बिना निविदा के 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति, निर्माण लागत में 90% तक की अप्राकृतिक वृद्धि, और घटिया निर्माण कार्य जैसी अनियमितताओं को उजागर किया था।
शौचालयों को कक्षा दिखाकर खर्च बढ़ाया गया
रिपोर्ट में बताया गया कि जहां केवल 160 शौचालयों की आवश्यकता थी, वहां 1,214 शौचालय बनाए गए, जिनका व्यय 37 करोड़ रुपये अधिक हुआ। बाद में इन शौचालयों को ‘कक्षा’ दिखाया गया।
घोटाले की रिपोर्ट 2.5 साल तक दबाई गई
सीवीसी ने रिपोर्ट देने के बाद दिल्ली सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने ढाई साल तक मामले को आगे नहीं बढ़ाया। अगस्त 2022 में उपराज्यपाल के निर्देश के बाद मुख्य सचिव से इस देरी की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया।
ईडी का फोकस
प्रवर्तन निदेशालय इस समय कॉन्ट्रैक्टर्स, निजी संस्थानों और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की तलाश में जुटा है। मनी ट्रेल और लाभार्थियों की पहचान के लिए छानबीन तेज़ कर दी गई है।
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