CG news : कृषि विभाग के आत्मा योजना कर्मचारियों को नहीं मिला 05 माह से वेतन, हो रही है समस्या...
- Rohit banchhor
- 29 Sep, 2024
आपको बता दें इस आत्मा योजना जिसमें किसानों को उन्नत खेती की तकनीकी जानकारी,
CG news : रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव। किसानों की आर्थिक दशा सुधारने में योगदान देने वाले आत्मा योजनांतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को बीते पांच महीने से वेतन नहीं मिल सका है। ऐसे में संविदा कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो चुकी है। कृषि विकास किसान कल्याण व जैव प्रौद्योगिकी विभाग में संचालित एक्सटेंशन रिफॉर्म्स आत्मा योजनांतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों के विभिन्न मांगों के सम्बंध में शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। आत्मा योजनांतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारी विगत 6 -7 वर्षों से अपनी सेवाएं निरंतर विभाग में दे रहे हैं। विभाग में कर्मचारियों का बराबर योगदान होता है, जिन्हें विभाग कई बार नजर अंदाज कर देता है।
CG news : आपको बता दें इस आत्मा योजना जिसमें किसानों को उन्नत खेती की तकनीकी जानकारी, कृषक वैज्ञानिक परिचर्चा, राज्यों के अंदर एवं बाहर प्रशिक्षण, शैक्षणिक भ्रमण, फॉर्म, स्कूल, कौशल विकास, समूह गठन और बृहद पैमाने पर सरकार द्वारा किसान मेला किया जाता है। जिसमें हजारों किसानों को लाभ मिलता है। इसका पूरा आयोजन आत्मा योजना अंतर्गत किया जाता है। इस विषय व अन्य मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ आत्मा कर्मचारी संघ के सभी पदाधिकारी ने मिलकर 23 सितंबर को संचालक कृषि विकास एवं किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग को ज्ञापन सौंपा।
CG news : वेतन न मिलने से आर्थिक और मानसिक रुप से हो रहे है परेशान- नाग
आत्मा संघ जिला कोण्डागांव के अध्यक्ष टिकेश्वर नाग ने बताया कि एक तरफ कृषि विभाग के प्रयासों के कारण किसान उन्नति कर रहा है, वहीं कृषि विभाग में कार्यरत आत्मा योजना में संविदा कर्मचारी जिनकों 5 माह से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक, मानसिक रुप से परेशान है और ये स्थिति कई सालों से है। आत्मा योजना के सभी कर्मचारी संविदा पर कार्यरत है, जो कि 6-7 सालों से नौकरी कर रहे है। ये कर्मचारी जिनकी विगत 2018 से किसी भी प्रकार की वेतन वृध्दि नहीं दी गई और ना ही वेतन वृध्दि से संबधित योजना के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा घोषित संविदा कर्मचारियों को वेतन वृध्दि के लाभ से वंचित रखा जा रहा है। कर्मचारियों द्वारा पत्राचार करने पर विभाग द्वारा कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है। ज्यादातर कर्मचारी जिले के बाहर का होने के कारण उन्हें घर का किराया, बच्चों की स्कूल की फीस एवं पारिवारिक खर्च उठाना पड़ता है, परंतु शासन द्वारा इन्हें 5 माह से वेतन न देने से इनकी रोजमर्रा की जरुरतों की पूर्ति के लिये भी बहुत समस्या हो रही है।

